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आरोग्य सेतु ऐप करोना को कैसे रोकेगा इसका लोड करना कितना खतरनाक है,मोबाइल में इसे लोड करें या नहीं

भारत सरकार में करोना के लिए खुद हमारे प्रधानमंत्री ने आकर टीवी पर सब से अनुरोध किया कि हम लोग सब लोग आरोग्य सेतु एप को अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोड करें क्योंकि इस डाउनलोड करने से हम ब्लूटूथ के द्वारा अपने आसपास के जो हेल्प रेगुलेटरी अथॉरिटी है उसके साथ जुड़ जाएंगे और उनको यह पता लग जाएगा कि हम किस क्षेत्र में है और जिस क्षेत्र में है उसमें करो ना का क्या प्रभाव है रेड जोन है या ग्रीन जॉन है या फिर ऑरेंज ऑन है फिर यूं कहें कोरोना उस क्षेत्र में कितना फैला हुआ है जिससे बोलो अगर हम संभावित संक्रमित हैं तो हमारा टेस्ट कर यह पता लगा ले की हमको वास्तव में संक्रमण है कि नहीं और अगर हम किसी कारणवश अच्छे हैं और किसी ऐसी क्षेत्र में जा रहे हैं जहां पर करोना रेड जोन में हैं तू वहां हमें आगे भी सूचना मिल जाए हम वहां या तो जाना ही नहीं और अगर भूल कर चले जाए तो तो सरकार चाहे तो हमें फिर से पकड़ कर हमारी जांच करा सके यानी जो भी पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में लोग आए हैं उनकी अच्छी तरह से ट्रेसिंग हो और करोना को हम रोक पाएं इसलिए एप का बहुत ही प्रयोग है हमको चाहिए कि हम अपने मोबाइल फोन पर अगर हमारे पास स्मार्टफोन है तो हम जरूर से जरूर डाउनलोड करें हमारे देश में यह बहुत बड़ी समस्या है कि परंतु हमारे देश में सब लोगों के पास स्मार्टफोन है कहां ज्यादातर लोगों के पास तो ऐसे ही मोबाइल फोन है जिससे बात हो सकती है क्योंकि स्मार्टफोन बहुत महंगे होते हैं इसलिए सरकार इसके द्वारा सभी लोगों को जो भी रेड जोन के संपर्क में आएंगे उनकी ट्रैपिंग कर सकेगी यह बात ठीक से जमती नहीं इसलिए इसका कितना अच्छा उपयोग होगा यह भी विवादास्पद है परंतु सरकार में 1 नियम लागू किया है कि जो भी सरकारी कर्मचारी हैं उनको यह ऐप अपने मोबाइल फोन पर लोड करना ही पड़ेगा तभी वह सरकारी ऑफिसों में काम करने के लिए अलाउड किए जाएंगे फिर वही प्रश्न इनके पास स्मार्टफोन नहीं है वह क्या करेंगे चलिए बात एक और है मोबाइल ट्रेसिंग में बहुत बड़ा काम किया है सिंगापुर को लीजिए साउथ कोरिया को लीजिए जर्मनी को लीजिए फमस्कोर लीजिए सभी जगह पर इस मोबाइल ट्रेसिंग ने काफी करोना को को रोकने में मदद की है परंतु वहां पर इस मोबाइल को बनाने का काम वहां की सरकारी एजेंसियों ने खुद अपने हाथ से किया इसलिए सारे इसके जो कंट्रोल वर्ड हैं सब सरकार के पास सुरक्षित है इसलिए कोई भी डाटा को चुरा नहीं सकता परंतु हमारे देश में कुछ इंटरनेट पर काम करने वाले ज्ञानी लोगों ने इसको सरकार के साथ मिलकर बनाया है इसका जो अंदर में छुपा हुआ कोड है उसको सभी को नहीं बताया है और तो और इसके अंदर अब गूगल और एप्पल जैसी कंपनियां भी कूद रही हैं आरोग्य सेतु ऐप करना को कैसे रोकेगा ? इसका लोड करना कितना खतरनाक है,मोबाइल में इसे लोड करें या नहीं ,इसको लोड करने में क्या हानि है,क्या हमारा इससे कुछ नुकसान होगा ,हमें इसे लोड करना चाहिए या नहीं ,प्रधानमंत्री ने आरोग्य सेतु लोड करने को कहा,कानून मंत्री ने कहा कोई नुकसान नहीं,सर्कार इसका कोड क्यों नहीं बताती,इसको बनाने में कौन प्राइवेट लोग हैं ,क्या उनपर विस्वास किया जा सकता है,क्या वे हर्रा डाटा नहीं चुरायेंगे,इस अप्प को क़ानूनी मान्यता तो नहीं,कितने दिन बाद ये बंद हो जायेगा ,सिंगापूर और साउथ कोरिया में अच्छा फल मिला ,सर्कार ने वंहा ये ऐप बनाया / इसमें हमारे देश में बहुत सारे जो इंटरनेट के लोगों को जानते हैं और डाटा चुराने के डर से प्राइवेट एजेंसियों में काम करते हैं उनका कहना है कि हमारा डाटा इसमें सुरक्षित नहीं होगा क्योंकि कंपनियां या उस डाटा को पाने वाले लोग इस डाटा को और दूसरी जगह भी प्रयोग कर सकेंगे परंतु इस मामले में हमारे कानून मंत्री प्रसाद जी ने साफ कहा कि सरकार की और कोई दूसरी मंशा नहीं है सिर्फ ट्रेसिंग कर कर करोना को कंट्रोल करना चाहती परंतु सरकार ने यह नहीं बताया कि कितने दिनों तक वह यह काम करेगी हमारे दूसरे मंत्री श्री प्रकाश जावेडकर ने तो यहां तक कहा कि इसको में एक 2 साल तक और व्यवहार में कर सकते हैं जो कि ठीक नहीं है क्योंकि दुनिया के बाकी देशों में एक समय निर्धारित कर दिया गया है जिसके बाद इसको व्यवहार में नहीं लाया जाएगा और दूसरी बात यह है कि इसकी कोई लीगल मान्यता भी नहीं है क्योंकि किसी का भी पर्सनल डाटा पर्सनल होता है कोई भी उसको यह नहीं कह सकता कि वह अपना डाटा दूसरे को दे इस ऐप को यूज करने के बाद यह बात तो सही है कि सरकार चाहे ना चाहे परंतु हमारे डाटा को तो ऐप को चलाने वाला व्यक्ति देखी सकता है सरकार को चाहिए कि इसका कोड वर्ड जग जगजाहिर कर दें जिससे पूरी तरह से सरकार की मंशा साफ हो जाए और जो इस तरह के आरोप लगाने वाले व्यक्ति हैं उनका मुंह बंद हो जाए क्योंकि यह बात जैसा हमारा प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें इस ऐप को लोड करना बहुत ही जरूरी है और अब उन्होंने यह भी कहा कि जो हमारे यह मजदूर भाई जो गांव में घर पर लौट रहे हैं उनकी भी जांच इसी एप के द्वारा प्रेसिंग करके की जाएगी इसलिए हमारी सरकार को इस अच्छे हथियार को बराबर यूज करने के लिए पूरी सावधानी से इसको व्यवहार में लाना चाहिए नहीं तो कोई सरफिरा कोर्ट में जाकर के ऊपर एक निजता का हनन होने के कारण इसको बंद रखने का निर्णय ला सकता है जो कि हमारे इस वायरस को रोकने के मुहिम में बहुत बाधा बन जाएगा/

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