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लॉकडाउन: होटल, रेस्टोरेंट बंद होने से पर्यटन निगम को 40 करोड़ की चपत


योगेंद्र अग्रवाल, अमर उजाला नेटवर्क, ददाहू (सिरमौर)
Updated Sat, 23 May 2020 04:02 AM IST

प्रदेश में पर्यटन निगम के कुल 71 संस्थान हैं।
– फोटो : अमर उजाला

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कोरोना वायरस का प्रदेश के पर्यटन कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। प्रदेश में पर्यटन सीजन पहली अप्रैल से 30 जून तक रहता है। पर्यटन निगम का सर्वाधिक कारोबार भी इसी अवधि पर निर्भर है। लेकिन, लॉकडाउन की मार के चलते पर्यटन कारोबार में 40 से 45 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। प्रदेश में पर्यटकों के नहीं आने से पर्यटन निगम को पिछले दो महीने के दौरान करीब 40 करोड़ रुपये की चपत लग गई है।

प्रदेश में पर्यटन निगम के कुल 71 संस्थान हैं। इनमें सर्वाधिक 55 होटल, 14 रेस्टोरेंट और दो क्लब शामिल हैं। पिछले दो माह से ही इन सभी पर्यटन संस्थानों पर ताले लटके हैं। प्रदेश में केवल आधा दर्जन पर्यटन संस्थानों से ही निगम को इन दिनों मामूली आय अर्जित हो रही है। इसमें निजी क्वारंटीन केंद्रों को स्थापित किया गया है। 

शेष सभी होटलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखा गया है। हालांकि, निगम के अन्य सभी होटल भी लाभ की श्रेणी में है। लेकिन, लॉकडाउन की मार ने पर्यटन निगम की कमर तोड़कर रख दी है। गर्मियों के इन दो महीनों के दौरान पर्यटकों की आमद से पूरे प्रदेश में चहल-पहल रहा करती थी। मैदानी इलाकों में गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण पर्यटक अक्सर हिमाचल की ओर रुख करते थे। लेकिन, इस दौरान कोरोना वायरस के दौर के चलते पर्यटन कारोबार को गहरा झटका लगा है। इससे उबरने में निगम को लंबा समय लग सकता है।

पर्यटन निगम की एमडी कुमुद सिंह ठाकुर ने बताया कि कोरोना वायरस से उपजे हालातों के चलते प्रदेश के सभी होटलों को फिलहाल बंद रखा गया है। प्रदेश की तमाम व्यवस्थाओं की भांति पर्यटन कारोबार पर भी पिछले दो माह की अवधि के दौरान ही 40 से 45 फीसदी कारोबार प्रभावित होने के कारण निगम को करीब 40 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। प्रदेश के आधा दर्जन होटलों मे निजी क्वारंटीन केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां निर्धारित दरों पर सुविधा दी जा रही है।

कोरोना वायरस का प्रदेश के पर्यटन कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। प्रदेश में पर्यटन सीजन पहली अप्रैल से 30 जून तक रहता है। पर्यटन निगम का सर्वाधिक कारोबार भी इसी अवधि पर निर्भर है। लेकिन, लॉकडाउन की मार के चलते पर्यटन कारोबार में 40 से 45 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। प्रदेश में पर्यटकों के नहीं आने से पर्यटन निगम को पिछले दो महीने के दौरान करीब 40 करोड़ रुपये की चपत लग गई है।

प्रदेश में पर्यटन निगम के कुल 71 संस्थान हैं। इनमें सर्वाधिक 55 होटल, 14 रेस्टोरेंट और दो क्लब शामिल हैं। पिछले दो माह से ही इन सभी पर्यटन संस्थानों पर ताले लटके हैं। प्रदेश में केवल आधा दर्जन पर्यटन संस्थानों से ही निगम को इन दिनों मामूली आय अर्जित हो रही है। इसमें निजी क्वारंटीन केंद्रों को स्थापित किया गया है। 

शेष सभी होटलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखा गया है। हालांकि, निगम के अन्य सभी होटल भी लाभ की श्रेणी में है। लेकिन, लॉकडाउन की मार ने पर्यटन निगम की कमर तोड़कर रख दी है। गर्मियों के इन दो महीनों के दौरान पर्यटकों की आमद से पूरे प्रदेश में चहल-पहल रहा करती थी। मैदानी इलाकों में गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण पर्यटक अक्सर हिमाचल की ओर रुख करते थे। लेकिन, इस दौरान कोरोना वायरस के दौर के चलते पर्यटन कारोबार को गहरा झटका लगा है। इससे उबरने में निगम को लंबा समय लग सकता है।

पर्यटन निगम की एमडी कुमुद सिंह ठाकुर ने बताया कि कोरोना वायरस से उपजे हालातों के चलते प्रदेश के सभी होटलों को फिलहाल बंद रखा गया है। प्रदेश की तमाम व्यवस्थाओं की भांति पर्यटन कारोबार पर भी पिछले दो माह की अवधि के दौरान ही 40 से 45 फीसदी कारोबार प्रभावित होने के कारण निगम को करीब 40 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। प्रदेश के आधा दर्जन होटलों मे निजी क्वारंटीन केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां निर्धारित दरों पर सुविधा दी जा रही है।

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