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ICSE ISC exams 2020: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ICSE बोर्ड से शेष परीक्षाओं के लिए ग्रेडिंग प्लान मांगा


बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को इंडियन सर्टिफिकेट सेकेंडरी एजुकेशन ( ICSE – आईसीएसई ) बोर्ड से उन छात्रों के लिए बनाया गया वैकल्पिक ग्रेडिंग प्लान मांगा, जो कोविड-19 महामारी के चलते शेष परीक्षाओं में नहीं बैठ रहे हैं। चीफ जस्टिस दिपांकर दत्ता और जस्टिस एसएस शिंदे की बेंच ने आईसीएसई बोर्ड को निर्देश दिया कि वह 22 जून तक अपना वैकल्पिक ग्रेडिंग प्लान पेश करे। कोर्ट कक्षा 10वीं के छात्र के पिता और एडवोकेट अरविंद तिवारी द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।  

एडवोकेट तिवारी ने याचिका में कोर्ट से मांग की है कि वह कोविड-19 महामारी की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अथॉरिटीज़ को परीक्षा आयोजित न करने के निर्देश जारी करे। 

14 जून को बोर्ड ने कोर्ट को बताया था कि आईसीएसई दसवीं और आईएससी बारहवीं के स्टूडेंट्स को शेष बची परीक्षाओं में बैठने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा है कि छात्र बोर्ड की कक्षा 10 और 12वीं की परीक्षा से गैरहाजिर रह सकते हैं, बोर्ड ने कहा है कि ऐसे छात्रों का मूल्यांकन प्री बोर्ड और इंटर्नल एग्जाम के आधार पर किया जाएगा।

बोर्ड ने कोर्ट को बताया थी कि देश औऱ विदेश में रह रहे स्टूडेंट्स को शेष बची परीक्षाओं के लिए विकल्प दिए जा रहे हैं, या तो स्टूडेंट्स जुलाई में होने वाली शेष बची परीक्षाएं दें या फिर बाकी बची परीक्षाओं के नतीजे उन्हें इंटरनल असेस्मेंट या प्री बोर्ड परीक्षा  या जिन विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं उनके आधार पर उनका रिजल्ट घोषित किया जाए। बोर्ड ने कहा है कि यह फैसला बोर्ड के सभी 2,605 के लिए है। इसके लिए स्कूल 22 जून तक सभी स्टूडेंट्स को विकल्प चुनने के बारे में सूचित करेंगे। 

आईसीएसई ने सभी स्कूलों को एक पत्र भेजकर स्टूडेंट्स की राय जानने के लिए कहा है कि क्या परीक्षाओं में बैठने वाले छात्र एक जुलाई से एग्जाम में शामिल होना चाहते हैं या नहीं। इस विषय पर स्कूलों को 22 जून तक अपना फीडबैक देना है।

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