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सेहत: आजकल घबराहट, चिंता और डर रहने के कारण पैनिक अटैक का ख़तरा बढ़ गया है, इससे कैसे दूरी बनाकर रखें जानिए


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  • Nowadays The Risk Of Panic Attack Has Increased Due To Panic, Worry And Fear, Know How To Keep Distance From It

डॉ. ज्योति कपूर, सीनियर साइकाएट्रिस्ट, पारस हॉस्पिटल19 घंटे पहले

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  • इस समय घबराहट रहना, डर लगना ये सब समस्याएं लोगों के जीवन का हिस्सा बन गई हैं। ऐसे में पैनिक अटैक आना आम हो गया है।
  • ऐसा क्यों होता है और कैसे बचाव कर सकते हैं, आइए जानते हैं।

इस समय जब देश-दुनिया में हालात मुश्किल हो गए हैं, हर दिन कुछ नया सुनने में आ रहा है तो चिंता और घबराहट होना लाज़मी है। लेकिन कुछ लोग जब लगातार इस बारे में सोचते हैं या परेशान रहते हैं तो पैनिक अटैक आने की आशंका बढ़ जाती है। कोरोना की वजह से इस तरह के मरीज़ों में वृद्धि हो रही है जो हर छोटी-छोटी बात पर अति व्यग्र हो जाते हैं।

क्या है पैनिक अटैक
पैनिक डिसऑर्डर एक ऐसी मानसिक स्थिति होती है जिसमें पीड़ित इंसान डर और खौफ़ के साये में रहता है। वह कई बार इतना अधिक डर जाता है कि उसे हर वक़्त ऐसा महसूस होता है जैसे वो किसी बड़ी बीमारी या किसी बड़ी परेशानी में है। जो व्यक्ति पीड़ित होता है उसका हृदय तेज़ी से धड़कने लगता है। पीड़ित व्यक्ति को अक्सर ऐसा लगता है कि उसके साथ कुछ ग़लत होने वाला है।

चिंता है बड़ा कारण
पैनिक अटैक आमतौर पर उन लोगों में होता है जो बहुत ज़्यादा चिंता करते रहते हैं या जिनके परिवार में किसी की मानसिक स्थिति ऐसी रह चुकी होती है उनमंे इसकी आशंका बढ़ जाती है। ऐसे इंसान को हर दूसरे पल की चिंता रहती है कि अब उसके साथ क्या होगा। उसे घबराहट होना, पसीना आना, हाथ पैरों में झनझनाहट होना, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पैनिक अटैक की अवधि दस मिनट या इससे अधिक समय तक हो सकती है और इसके लक्षण हार्ट अटैक की तरह प्रतीत हो सकते हैं।

क्या है इलाज
पैनिक डिसऑर्डर के इलाज के लिए आप अपने खानपान में बदलाव कर सकते है। कॉगनिटिव-बिहेवियरल थैरेपी ले सकते हैं। इस थैरेपी में और दवाओं के माध्यम से पैनिक अटैक का इलाज किया जा सकता है। दवाओं के साथ साइकोथैरेपी देने से जल्दी राहत मिलती है। पैनिक अटैक के मरीज़ों को शराब और कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही संतुलित आहार लेना चाहिए। खाने में बदलाव करें, एक ही तरह का भोजन करते हैं तो नया आज़माएं। फलों का सेवन करें, ग्रीन टी पिएं। अच्छे विचार लाएं, यादगार पलों के बारे में सोचें, बच्चों के साथ समय बिताएं, व्यायाम करें। ध्यान बंटेगा तो मन भी विचलित नहीं होगा।

ध्यान रखें
— पैनिक डिसऑर्डर एक तरह का एंग्जायटी डिसऑर्डर है और इसका डायग्नोसिस तब किया जाता है जब पैनिक अटैक बार-बार आता है और ज़्यादा अटैक आने पर चिंताजनक स्थिति होती है।
— बार-बार पैनिक अटैक आने से व्यवहार सम्बन्धी समस्याएं जन्म ले सकती हैं।
— अटैक दोबारा न आए इससे बचने का तरीक़ा है कि जिस जगह या स्थिति में आया है उस स्थिति और जगह पर दोबारा जाने से बचें।

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