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नए तरह का खाना: हार्मोन संतुलन से लेकर वजन कम करने में मददगार हैं प्रोबायोटिक फूड, न्यूट्रीशनिस्ट से जानें इनके 6 बड़े फायदे


35 मिनट पहलेलेखक: मीना

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प्रोबायोटिक फूड वे होते हैं जिनमें जिंदा बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया खमीर युक्त खाद्य पदार्थों जैसे दही, ढोकला, अचार, किमची, कोम्बुचा आदि में पाए जाते हैं। इनके सप्लीमेंट्स भी आते हैं। प्रोबायोटिक फूड्स महिलाओं की सेहत के लिए बहुत लाभकारी हैं। नमामी लाइफ में न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि प्रोबायोटिक फूड महिलाओं की इम्युनिटी को बूस्ट करने, पाचन क्षमता को बेहतर करने, कब्ज को दूर करने और तनाव को दूर करने का काम करते हैं। यह प्रोबायोटिक हमारे गट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं।

प्रोबायोटिक फूड

प्रोबायोटिक फूड

प्रोबायोटिक फूड के फायदे
बेहतर पाचन
प्रोबायोटिक फूडसप्लीमेंट्स पेट (गट) में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। ये गट-फ्रैंडली बैक्टीरिया भोजन के प्रतिरोधी फाइबर को तोड़ कर डाइजेशन को इंप्रुव करते हैं।

वजन प्रबंधन
रेसिस्टैंट स्टार्ट के टूटने से ब्यूटायरेट नामक कंपाउंड बनता है, यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में मदद करता है। जिस वजह से वजन प्रबंधन होता है। ब्यूटायरेट मोटापे को भी दूर रखता है।

वजन प्रबंधन में लाभकारी प्रोबायोटिक फूड

वजन प्रबंधन में लाभकारी प्रोबायोटिक फूड

इम्युनिटी
डॉ. शैली तोमर का कहना है कि 70 फीसद इम्युन सिस्टम पाचन तंत्र में होता है, जो गट-फ्रैंडली बैक्टीरिया से युक्त होता है। इसलिए प्रोबायोटिक फूड इम्युन सिस्टम को बूस्ट करने में और मदद करते हैं। अगर शरीर में हेल्दी गट-बैक्टीरिया की कमी है तो ऑटोइम्युन बीमारियां जैसे क्रोहन या अल्सरेटिव कोलिटिस हो सकता है। प्रोबायोटिक शरीर में नेचुरल एंटीबॉडीज को बनाते हैं।

हार्मोनल बैलेंस
अनहेल्दी और अच्छे बैक्टीरिया की कमी से महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन प्रभावित होता है। एस्ट्रोजन के असंतुलन से पीसीओएस और इंफर्टिलिटी जैसी बीमारियां होती हैं। एस्ट्रोजन हार्मोन के इंबैलेंस से मेंस्ट्रुअल साइकिल में भी परेशानियां पैदा होती हैं। प्रोबायोटिक फूड्स महिलाओं के हार्मोन को बैलेंस करते हैं।

ब्लड शुगर कंट्रोल
प्रोबायोटिक फूड ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित करते हैं। ये इंफ्लामेशन को कम करने वाले गुड बैक्टीरिया पर भी काम करते हैं।

बेहतर नींद में लाभकारी प्रोबायोटिक

बेहतर नींद में लाभकारी प्रोबायोटिक

बेहतर नींद में मददगार
लैक्टोबैसिलस हेल्वेटिकस और बिफीडोबैक्टीरियम लोंगम नामक प्रोबायोटिक बैक्टीरिया एंग्जाइटी के लक्षमों को कम करते हैं जिससे नींद बेहतर होती है।

किन फूड्स में होता है प्रोबायोटिक बैक्टीरिया
कर्ड/योगहर्ट – कर्ड में लैक्टोबेसिलस एसिडोफिलस बैक्टीरिया और योगहर्ट में स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस और लैक्टोबेसिलस बल्गारिकस प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पाया जाता है।
फर्मेंटेड बैटर (ढोकला, इडली) – इसमें लैक्टोक एसिड बैक्टिरिया पाया जाता है।
कांजी – यह एक तरह की डिंक्स होती है जिसमें गाजर, इमली और कुछ विशेष मसाले होते हैं। इसमें लैक्टोबेसिलस प्लांटेरम बैक्टीरिया पाया जाता है।
किमची – यह फर्मेंटेड गोभी है जो अदरक और लहसुन के फ्लेवर के साथ होती है। इसमें लैक्टोबेसिलस बैक्टीरिया पाया जाता है।
कोम्बुचा – यह फर्मेंटेड ब्लैक टी या ग्रीन टी का टाइप होता है। कोम्बुचा में एसेटिक एसिड बैक्टीरिया पाया जाता है।
तपाई – यह फर्मेंटेड चावल का प्रकार है। इसे मलयालम में पज्हाम कांजी भी कहा जाता है। बंगाली में पंता भात के नाम से जाना जाता है।

प्रोबायोटिक इम्युनिटी बूस्टिंग से लेकर वजन प्रबंधन तक में भी मदद करते हैं। इन फूड्स को लेकर आप भी अपनी सेहत को और दुरुस्त कर सकते हैं।

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