दिनेश लाल यादव, जिन्हें निरहुआ नाम से भी जाना जाता है, भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं. उनके फैंस उनकी फिल्मों और गानों के लिए हमेशा बेसब्री से इंतजार करते हैं. हाल ही में निरहुआ ने बाताया कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री साउथ सिनेमा जैसी ऊंचाई क्यों नहीं छू पाई. इंटरव्यू में उन्होंने अपनी राय साझा करते हुए बताया कि इंडस्ट्री के लिए अभी भी कई बदलाव जरूरी हैं.
हाल ही में डिजिटल कमेंट्री से बातचीत में, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भोजपुरी इंडस्ट्री के ग्रो न कर पाने की वजहों पर बात की. उनसे पूछा गया कि साउथ फिल्म इंडस्ट्री ऑस्कर तक पहुंच गई, जबकि कई भोजपुरी फिल्में PVR या INOX जैसी मल्टीप्लेक्स तक रिलीज नहीं होती.
भोजपुरी फिल्मों ने क्यों नहीं छुआ साउथ इंडस्ट्री जैसा मुकाम?
इसपर निरहुआ ने कहा कि टैलेंट या हिट फिल्म की कमी कभी समस्या नहीं थी. ‘निरहुआ रिक्शावाला’ और ‘प्रतिज्ञा’ जैसी फिल्में बड़े हिट रही हैं. यहां तक कि हिंदी फिल्मों के बड़े प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी भोजपुरी फिल्में बनाने आए. उन्होंने यह भी बताया कि सुभाष घई जैसी हस्तियां भी भोजपुरी फिल्म बनाने आए, लेकिन फिल्म बनी या नहीं ये नहीं मालूम.
निरहुआ का कहना है कि अगर उनकी फिल्मों का पूरा कलेक्शन ईमानदारी से मिला होता, तो भोजपुरी इंडस्ट्री आज साउथ सिनेमा जैसी ऊंचाई तक पहुंच चुकी होती. उन्होंने आगे कहा, ‘कई भोजपुरी और हिंदी फिल्ममेकर थिएटर में अपनी फिल्म रिलीज करने से डरते थे. कारण था सिस्टम का भ्रष्टाचार. थिएटर मालिक अंडर-द-टेबल पैसे मांगते थे 50,000, 1 लाख या उससे भी ज्यादा. पैसे देने के बाद भी उन्हें ईमानदार कलेक्शन रिपोर्ट नहीं मिलती थी.
यूट्यूब से कमा रहे पैसा
जब फिल्ममेकर को उनका सही हक नहीं मिलता, तो इंडस्ट्री कैसे बढ़ सकती है? दिनेश लाल यादव ने कहा कि जिन फिल्मों को हमने बनाया और हम घाटे में थे, वहीं अब यूट्यूब पर जाकर हम पैसे कमा रहे हैं. उन्होंने कहा, अब यूट्यूब से हमारी वो रिकवरी हो रही है जो हमने दस साल पहले खर्च किए थे.








