वोल्तेयर फ्रांसीसी ज्ञानोदय लेखक, इतिहासकार और दार्शनिक थे। वे अपनी गहरी समझ और बुद्धि के लिए काफी प्रसिद्ध थे। 1. किसी व्यक्ति को उसके जवाबों से नहीं, उसके सवालों से परखना चाहिए। 2. जो लोग आपसे बेतुकी बातों पर विश्वास करवा सकते हैं, वे आपसे क्रूर काम भी करवा सकते हैं। 3. जितना अधिक मैं […]
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टिप्स: काम के सबसे व्यस्त दौर से कैसे निपटें
कई बार काम इतना बढ़ जाता है कि अपने लिए समय निकालना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ लोगों को नौकरी में लंबे समय तक लगातार काम करना पड़ता है। जब काम का बोझ कम करना संभव नहीं होता, तो ऐसे में कुछ व्यावहारिक तरीके अपनाकर आप तनाव से बहुत हद तक बच सकते […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: विनम्रता के साथ ‘ना’ कहना भी सीखें
किताबों से जानिए, कैसे अपनी बात को विनम्रता से रखते हुए भी स्पष्ट रहा जा सकता है… अपनी प्राथमिकताओं को महत्व दें कई बार हम दूसरों को नाराज करने के डर से उन बातों के लिए भी हां कह देते हैं, जिन्हें हम करना नहीं चाहते। ऑफिस में अतिरिक्त काम हो, किसी की निजी मदद […]
इंस्पायरिंग: अपने ज्ञान को अंतिम मत मानिए, दूसरों से सीखने का दरवाजा हमेशा खुला रखिए – जॉन टर्नस
एपल सीईओ जॉन टर्नस ने पहला टचस्क्रीन मैकबुक लॉन्च करने के बाद से चर्चा में हैं, उनकी सफल जीवन की सीख, उन्हीं की जुबानी… मैं अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक किस्सा अक्सर याद करता हूं। मैं एक प्रोडक्ट पर काम कर रहा था। उसके हर छोटे-बड़े हिस्से को बारीकी से तैयार किया जा […]
रसरंग में कवर स्टोरी: इस दिवाली कैसा रहेगा शॉपिंग का ट्रेंड..?
कुमार राजगोपालन8 घंटे पहले कॉपी लिंक By : कुमार राजगोपालन, सीईओ, रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया दिवाली का त्योहार खरीदारों और कारोबारियों, दोनों के लिए साल के सबसे अहम खरीदारी सीजन में से एक है। त्योहारी सीजन के साथ जीएसटी सुधारों जैसे सरकार के सकारात्मक कदमों ने उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: ऐश्वर्या राय : जब पहली फिल्म के लिए लग गई थी होड़
आज एक नवंबर है, रविवार है यानी मेरे कॉलम का दिन। और आज ही पूरी दुनिया की, हमारी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत हीरोइन, बल्कि उससे भी ज्यादा खूबसूरत दिल और रूह की मालकिन ऐश्वर्या राय का जन्मदिन है। तो मुझे ख्याल आया कि पिछले तीन साल से मैं लगातार कॉलम लिख रहा हूं, मगर […]
रसरंग में मायथोलॉजी: ‘राम राज्य’ और ‘कंस राज्य’ की कथाओं में ऐसे छिपा है धर्म का मर्म
सभी जानते हैं कि राम राज्य का उद्भव त्रेतायुग में हुआ। यह वह युग था, जिसमें धर्म का वृषभ तीन पैरों पर खड़ा था और धर्म की रक्षा के लिए विष्णु धरती पर श्रीराम के रूप में अवतरित हुए थे। इसके बाद द्वापरयुग आया, जिसमें धर्म का वृषभ दो पैरों पर खड़ा था और विष्णु […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: सुभाष घई : दिल जीतने का अनोखा अंदाज
रूमी जाफरी34 मिनट पहले कॉपी लिंक सुभाष घई अपनी पत्नी मुक्ता घई के साथ (फाइल फोटो)। कल यानी 24 अक्टूबर को सुभाष घई जी और रिहाना जी, यानी मुक्ता भाभी, की शादी की सालगिरह थी। इस मौके पर मुझे सुभाष जी की शादी का एक बड़ा दिलचस्प किस्सा याद आया। यह किस्सा मैंने मुक्ता भाभी […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: सुभाष घई : दिल जीतने का अनोखा अंदाज
रूमी जाफरी2 घंटे पहले कॉपी लिंक सुभाष घई अपनी पत्नी मुक्ता घई के साथ (फाइल फोटो)। कल यानी 24 अक्टूबर को सुभाष घई जी और रिहाना जी, यानी मुक्ता भाभी, की शादी की सालगिरह थी। इस मौके पर मुझे सुभाष जी की शादी का एक बड़ा दिलचस्प किस्सा याद आया। यह किस्सा मैंने मुक्ता भाभी […]
इंस्पायरिंग: कुछ नया बना लेना ही काफी नहीं, असली सफलता तब है, जब उससे हमारी जिंदगी लगातार बेहतर बने – सुंदर पिचाई
58 मिनट पहले कॉपी लिंक गूगल सीईओ पिचाई, ट्रम्प के अटलांटिक महासागर के नाम बदलने के विचार पर असहमति जताने से चर्चा में है। सुंदर अपने स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। कई मुद्दों पर उनके विचार, उन्हीं की जुबानी… अगर हम अपने आसपास की दुनिया को देखें, तो समझ आएगा कि हम हर […]
टिप्स: लोग गलत नौकरी क्यों चुन लेते हैं? ये हैं 4 बड़ी वजह
नौकरी चुनना जिंदगी के अहम फैसलों में से एक है। इसका असर न सिर्फ हमारी कमाई, बल्कि काम से मिलने वाली संतुष्टि और मानसिक शांति पर पड़ता है। इसके बावजूद भी लोग जल्दबाजी में गलत नौकरी चुन लेते हैं। इसकी यह चार वजहें हो सकती हैं… 1. दूसरों को देखकर करियर चुनते हैं कई लोग […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: अपना काम ईमानदारी से करना जीवन को अर्थ देता है
किताबों से जानिए, परिवार के साथ समय बिताना, किसी की मदद करना, अपना काम ईमानदारी से करना आखिर क्या मायने रखता है… हर दिन कुछ बड़ा करना जरूरी नहीं है खुश रहना अच्छी बात है, लेकिन जीवन में केवल खुशी तलाशना काफी नहीं। जब हमें लगता है कि हमारे जीवन का कोई उद्देश्य है, हम […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: बदलाव के बिना तरक्की संभव नहीं – जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
6 घंटे पहले कॉपी लिंक जॉर्ज बर्नार्ड शॉ आयरलैंड के प्रसिद्ध नाटककार, साहित्यकार और विचारक थे। उन्हें 1925 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार भी मिला था। 1. हम खेलना इसलिए नहीं छोड़ते कि हम बूढ़े हो जाते हैं, हम बूढ़े इसलिए हो जाते हैं क्योंकि खेलना छोड़ देते हैं। 2. आशावादी और निराशावादी, दोनों समाज […]
रसरंग में मायथोलॉजी: आज्ञापालन और धर्मपालन में क्या अंतर है? इन कथाओं से समझें
आज वाट्सऐप जनरेशन और स्नैपचैट जनरेशन के बीच संघर्ष चल रहा है। वाट्सऐप जनरेशन बड़ों का आदर करने और परंपराओं का पालन करने में विश्वास रखती है। उसका मानना है कि बड़ों की बातों पर कभी सवाल नहीं उठाने चाहिए, यानी आज्ञापालन ही सबसे बड़ा गुण है। वह इसे संस्कार के रूप में प्रस्तुत करती […]
सुरक्षित जिंदगी, घटता जोखिम: खोने का डर बढ़ने से नए प्रयोगों से पीछे हट रहे लोग; समृद्धि के साथ सुरक्षित रास्ता चुनने की प्रवृत्ति
नई फिल्म, लेकिन कहानी पुराने किरदारों की। नया कैफे, लेकिन सजावट दूसरे शहर जैसी। किशोर भी पिछली पीढ़ियों के मुकाबले कई खतरनाक या जोखिम भरी गतिविधियों से दूरी बना रहे हैं। क्या इन बदलावों के पीछे कोई वजह है? अमेरिकी मनोवैज्ञानिक एडम मास्त्रोइयानी का तर्क है कि आजकल लोग जोखिम कम लेने लगे हैं। इससे […]
मां का दूसरा दिमाग बन रहा AI: बच्चे पढ़ाने में मददगार; डिजिटल एजेंट से हो रही सुविधा, डेटा की सुरक्षा पर भी सवाल
बच्चे की लाइब्रेरी की किताब कब लौटानी है, फुटबॉल मैच के लिए कब पहुंचना है, स्कूल के कार्यक्रम में क्या लेकर जाना है या बेटी के बैंड प्रदर्शन के लिए काले मोजे खरीदने हैं… आधुनिक अमेरिकी परिवारों में ऐसे छोटे-छोटे कामों की सूची इतनी लंबी हो गई है कि इन्हें याद रखना भी एक बड़ी […]
रसरंग में मायथोलॉजी: जीवन, समय और ब्रह्मांड को देखने की ऐसी है भारतीय दृष्टि
यह समझाने के लिए कि ब्रह्मांड में हर प्रजाति के लिए समय का अनुभव अलग होता है, हिंदू पुराणों में समय की विशालता को कुछ इस तरह व्यक्त किया गया है : मनुष्यों का संपूर्ण जीवनकाल इंद्र की एक पलक झपकने के बराबर है, इंद्र का संपूर्ण जीवनकाल ब्रह्मा की एक पलक झपकने के बराबर, […]
रसरंग में मायथोलॉजी: जीवन, समय और ब्रह्मांड को देखने की ऐसी है भारतीय दृष्टि
यह समझाने के लिए कि ब्रह्मांड में हर प्रजाति के लिए समय का अनुभव अलग होता है, हिंदू पुराणों में समय की विशालता को कुछ इस तरह व्यक्त किया गया है : मनुष्यों का संपूर्ण जीवनकाल इंद्र की एक पलक झपकने के बराबर है, इंद्र का संपूर्ण जीवनकाल ब्रह्मा की एक पलक झपकने के बराबर, […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: नाना पाटेकर के एक फोन कॉल ने दूर कर दिया था डर, साथ काम करने की जगाई थी उम्मीद
पिछले दिनों नाना पाटेकर जी के देहावसान की खबर ने फिल्म प्रेमियों और उनके चाहने वालों को बुरी तरह झकझोर दिया। वे जितने प्रतिभाशाली अभिनेता थे, उतना ही बड़ा उनका दिल था। गरीबों, दुखियारों और किसानों के लिए उनके मन में बहुत कुछ करने का जज्बा था। मैंने भोपाल में पहली बार उनकी फिल्म ‘आज […]
लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: संघर्ष के बिना जीवन का आनंद आधा हो जाता है – सुभाष चंद्र बोस
5 घंटे पहले कॉपी लिंक सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे। उन्होंने अंग्रेजों से लड़ने के लिए आजाद हिंद फौज का नेतृत्व किया। 1. किसी सिद्धांत को व्यवहार में लागू करते हुए देश के भूगोल और इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 2. भारत को समाजवाद को लागू करने के अपने […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: जीवन में छोटे बदलाव करते रहें
किताबों से जानिए, क्यों जरूरी है आप अपनी पसंद को पहचानें और उसके लिए समय निकालें? अपनी पसंद को पहचानें, समय निकालें कई बार असफलता का डर या लोगों की सोच की चिंता हमें अपनी पसंद के लिए कदम उठाने से रोकती है। बहुत जरूरी है आप अपनी पसंद को पहचानें और उसके लिए समय […]
रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: एक गलत फ्लाइट और सात हिल्टन होटल्स का फेर
जब से मैं अमेरिका से लौटा हूं, बहुत सारे वाकये और किस्से याद आ रहे हैं। कुछ तो मैं भूल भी गया था। ये कोई यादगार नहीं, मगर मजेदार जरूर हैं। इन्हीं में से एक किस्सा सुनाता हूं। आजकल तो सिक्योरिटी की वजह से हर किसी को समय पर एयरपोर्ट पहुंचकर चेक-इन करना पड़ता है, […]
रसरंग में मायथोलॉजी: जैन परंपरा से जगन्नाथ पुरी तक, सुभद्रा और कृष्ण-बलराम की कहानी
इस सप्ताह हम अपनी चर्चा को जारी रखते हुए कृष्ण, बलराम और सुभद्रा के जन्म को लेकर जैन धर्म की कहानियों के बारे में जानेंगे और इन सभी कहानियों का विश्लेषण भी करेंगे। जैन विवरण के अनुसार, देवकी के आठवें नहीं, बल्कि सातवें बालक ने कंस का वध किया था। पहले छह शिशुओं के जन्म […]
इंस्पायरिंग: डर का होना गलत नहीं है, डर के बावजूद लगातार आगे बढ़ना सीखना होगा – सेलेना गोमेज
अमेरिकी एक्ट्रेस और सिंगर सेलेना गोमेज मेंटल हेल्थ के लिए 100 मिलियन डॉलर जुटाने की पहल से चर्चा में हैं। उनके लिए जीवन के मायने, उन्हीं की जुबानी… मैंने जिंदगी में एक बात सीखी है कि हर चीज का जवाब हमारे पास पहले से होना जरूरी नहीं है। कई बार हम किसी काम को शुरू […]
टिप्स: लक्ष्य से पीछे रह जाने वालों से कैसे बात करें
अगर कोई कर्मचारी अपने तय किए गए लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पा रहा है, तो यह चिंता की बात हो सकती है। ऐसे में उससे बात करना और उसकी कमियों पर चर्चा करना बहुत जरूरी हो जाता है, लेकिन इस बातचीत को तनावपूर्ण बनाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप इन पांच तरीकों […]




