महामना की बगिया अब अपराध की बगिया बन रही है। छात्र रौशन मिश्रा पर चार राउंड फायरिंग और पांच पर हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में दर्ज प्राथमिकी की घटना कोई नई बात नहीं है। बिरला हॉस्टल के छात्र गौरव सिंह बग्गा की हत्या, चंदन की लकड़ी की तस्करी, आयुर्वेद संकाय के पास चाय के दुकानदार की सिर कूंच कर हत्या, आईआईटी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, अन्य छात्राओं से छेड़खानी, मारपीट और तेलुगु विभागाध्यक्ष पर जानलेवा हमला समेत अन्य कई गंभीर मामले महामना की बगिया में हो चुकी हैं।
छह साल के आंकड़ों पर गौर करें तो 30 संगीन मामले लंका थाने में दर्ज हैं। छात्र गुटों में आए दिन मारपीट, यहां तक की कुर्सी के लिए विभागाध्यक्ष तक पर प्रोफेसर की ओर से भाड़े के शूटरों से प्राणघातक हमला करवाना और चिकित्सकों पर हत्या की प्राथमिकी समेत सामूहिक दुष्कर्म जैसे चर्चित मामले बीएचयू में हुई। शिक्षा के मंदिर में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है।
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सुरक्षा कर्मियों की ढिलाई और लचर पर्यवेक्षण भी कारण माना जा रहा है। बाहरी छात्रों और निष्कासित छात्रों का एक तरह से आरामगाह बन चुके छात्रावासों में रूटीन चेकिंग भी नहीं होती है। परिसर और हॉस्टलों में जांच नहीं होने का असर है कि आपराधिक प्रवृत्ति के युवक सक्रिय है।