दिल्ली में चल रही एआई समिट में इन दिनों क्रिकेट जगत से जुड़ी एक खास तकनीक चर्चा में है। एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम प्रदर्शित किया जा रहा है, जो खिलाड़ियों के स्टांस, हेड मूवमेंट, बैट स्विंग, फुटवर्क और टाइमिंग का बारीकी से विश्लेषण कर सटीक सुझाव देने का दावा करता है। दावा यह भी है कि भविष्य में यह तकनीक पारंपरिक क्रिकेट कोच की भूमिका को काफी हद तक बदल सकती है। इस नई तकनीक की चर्चा ताजनगरी आगरा में भी तेज हो गई है, जहां से दीपक चाहर, दीप्ति शर्मा और ध्रुव जुरैल जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले हैं। सवाल यह है कि क्या आगरा में भी ऐसी एआई आधारित कोचिंग खिलाड़ियों को मिल पाएगी?
कैसे काम करेगा एआई कोच?
समिट में प्रदर्शित सिस्टम हाई-स्पीड कैमरों और सेंसर की मदद से खिलाड़ी की हर हरकत रिकॉर्ड करता है।
बल्लेबाज का स्टांस कितना संतुलित है
शॉट खेलते समय हेड पोजिशन स्थिर है या नहीं
गेंदबाज की रिलीज प्वाइंट और आर्म एंगल
फील्डर की रिएक्शन टाइमिंग
इन सभी का डेटा तुरंत स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाता है। कोच और खिलाड़ी उसी समय सुधार कर सकते हैं।
युवा क्रिकेटर ध्रुव तोमर ने बताया कि तकनीक हमेशा मददगार होती है, लेकिन क्रिकेट सिर्फ डेटा का खेल नहीं है। खिलाड़ी का आत्मविश्वास, मैच प्रेशर और मानसिक मजबूती एआई नहीं सिखा सकता।अगर यह तकनीक आगरा में उपलब्ध हो जाए तो निश्चित ही हमें मदद मिलेगी। लेकिन यह कोच का विकल्प नहीं, सहायक बन सकता है। एआई से अपनी गलतियां समझने में आसानी होगी। खेल प्रशासक बल्देव भटनागर का कहना है कि वीडियो देखकर समझ तो आता है, लेकिन अगर सिस्टम तुरंत बता दे कि हेड मूवमेंट कहां गलत है, तो सुधार जल्दी होगा लेकिन वह कोच को कभी रिप्लेस नहीं कर पाएगा।
दीप्ति के भाई और कोच सुमित शर्मा ने कहा कि एआई विश्लेषण में बेहद सटीक हो सकता है, लेकिन खेल का मानवीय पक्ष, प्रेरणा, रणनीति, ड्रेसिंग रूम का माहौल अब भी इंसानी कोच के हाथ में ही रहेगा। अभी कोचिंग में तकनीक का इस्तेमाल होता है। यह उसका आगे का वर्जन कह सकते हैं लेकिन प्रत्येक खिलाड़ी की खूबियां और कमियां अलग होती हैं। इसे एआई नहीं एक मानवीय कोच ही समझ सकता है।
एआई कोचिंग से आगरा के खिलाड़ियों को मिलेगी नई उड़ान, दिल्ली पर कम होगी निर्भरता
आगरा जैसे शहर में जहां संसाधन सीमित हैं, वहां यदि एआई आधारित कोचिंग सेंटर स्थापित होते हैं तो खिलाड़ियों को दिल्ली या बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़े। ताजनगरी ने पहले भी सीमित संसाधनों में बड़े खिलाड़ी दिए हैं। अगर एआई तकनीक यहां पहुंचती है, तो यह दीपक चाहर, दीप्ति शर्मा और ध्रुव जुरेल की नई पीढ़ी तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल सवाल यही है, क्या एआई कोच आगरा के मैदानों तक पहुंचेगा, या यह तकनीक अभी बड़े शहरों तक ही सीमित रहे।
दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट का उद्धाटन आज, प्रधानमंत्री व फ्रांस के राष्ट्रपति करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री आज, 19 फरवरी को बृहस्पतिवार सुबह लगभग 9:40 बजे दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करेंगे। इसमें 500 से अधिक वैश्विक एआई अग्रणी व्यक्ति, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा लगभग 60 मंत्री और उपमंत्री शामिल होंगे। इससे पहले, 18 फरवरी को शाम लगभग 7 बजे, प्रधानमंत्री भारत मंडपम में समिट में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के नेताओं का स्वागत करेंगे। समिट की थीम है : सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, अर्थात् सभी का कल्याण, सभी की प्रसन्नता। समिट के तीन प्रमुख स्तंभ हैं : मनुष्य, पृथ्वी और प्रगति। उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के साथ-साथ फ्रांस के राष्ट्रपति, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और विश्व भर के विभिन्न शीर्ष उद्योगपति भी संबोधित करेंगे।








