अमेरिका ने भारतीय आमों की 15 खेप लौटाईं:  कागजी गलतियों को बताया वजह; एक्सपोर्टर्स को ₹4 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
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अमेरिका ने भारतीय आमों की 15 खेप लौटाईं: कागजी गलतियों को बताया वजह; एक्सपोर्टर्स को ₹4 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

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मुंबई1 घंटे पहले

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अमेरिका ने 9-11 मई के बीच भारतीय आमों की 15 शिपमेंट को रिजेक्ट कर दिया। ( इमेज AI जनरेटेड है) - Dainik Bhaskar

अमेरिका ने 9-11 मई के बीच भारतीय आमों की 15 शिपमेंट को रिजेक्ट कर दिया। ( इमेज AI जनरेटेड है)

अमेरिका ने भारतीय आमों की 15 शिपमेंट लॉस एंजेलिस, सैन फ्रांसिस्को और अटलांटा एयरपोर्ट्स पर रिजेक्ट कर दीं। इससे एक्सपोर्टर्स को 4 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

अमेरिकी अधिकारियों ने आमों के कागजी दस्तावेजों में गड़बड़ी का हवाला देते हुए इन्हें नष्ट करने या वापस भेजने का आदेश दिया है। एक्सपोर्टर्स ने बताया कि आम जल्द खराब होने वाली फसल है और वापसी का खर्च अधिक था, इसीलिए उन्हें अमेरिका में ही नष्ट कर दिया गया।

क्यों रोकी गई आमों की शिपमेंट ?

अमेरिका में फलों का इंपोर्ट करने के लिए इर्रिडिएशन प्रक्रिया अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में फलों के कीटाणु मारे जाते हैं। प्रक्रिया होने के बाद एक्सपोर्टर को PPQ203 फॉर्म (कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र) जारी किया जाता है। भारत में यह प्रक्रिया नवी मुंबई स्थित एक प्लांट में USDA (अमेरिकी कृषि विभाग) की निगरानी में होती है।

8-9 मई को यहीं से आमों के ट्रीटमेंट के बाद PPQ203 फॉर्म जारी किया गया था। शिपमेंट अमेरिका पहुंचने पर अधिकारियों ने दस्तावेजों में गलतियां पाईं।अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार, PPQ203 फॉर्म गलत तरीके से भरा गया था, जिसके चलते शिपमेंट रिजेक्ट हुईं।

लेकिन यह गलती कीटों की मौजूदगी से जुड़ी नहीं थी, बल्कि फॉर्म भरने में रही खामियों की वजह से हुई।

2024 में भारत ने अमेरिका को 77 हजार टन फल निर्यात किए

वर्ष फल निर्यात (टन)
2020 53,000
2021 55,000
2022 60,000
2023 65,000
2024 77,000

एक्सपोर्टर्स ने कहा- प्लांट की गलतियों की कीमत चुकानी पड़ी

एक्सपोर्टर्स का कहना है कि उन्हें इर्रिडिएशन प्लांट की गलतियों की कीमत चुकानी पड़ रही है। एक व्यापारी ने कहा, PPQ203 फॉर्म USDA अधिकारी ही जारी करते हैं। अगर ट्रीटमेंट नहीं हुआ होता, तो यह फॉर्म मिलता ही नहीं। गलती होने पर शिपमेंट मुंबई एयरपोर्ट से क्लियर नहीं होता।

दूसरे व्यापारी ने बताया कि लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट पर 9-11 मई के बीच उनकी खेप रोकी गई और बाद में नष्ट करने का आदेश मिला। व्यापारी का कहना है कि हमने सभी नियम पूरे किए, फिर भी नुकसान उठाना पड़ा।

एक्सपोर्टर्स को 5 लाख डॉलर का नुकसान

इस घटना से व्यापारियों को करीब 5 लाख डॉलर (लगभग 4.2 करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ है। अमेरिका भारतीय आमों के लिए बड़ा बाजार है। मामले में एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) ने कहा कि यह मामला महाराष्ट्र स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (MSAMB) से जुड़ा है, उनसे संपर्क करें। MSAMB ने मामले में कोई जवाब नहीं दिया है।

शिपमेंट रिजेक्ट होने से व्यापारियों की चिंता बढ़ी

अमेरिकी कृषि विभाग ने कहा है कि खेपों को वापस भेजने या नष्ट करने का खर्च व्यापारियों को खुद उठाना होगा। अमेरिकी सीमा शुल्क विभाग (CBP) ने कहा कि PPQ203 फॉर्म गलत तरीके से जारी किए गए”और यह एंट्री रिक्वायरमेंट पूरी नहीं करते।

इस घटना के बाद व्यापारियों में भारतीय आमों की गुणवत्ता प्रक्रियाओं पर सवाल उठने और भविष्य में दोबारा ऐसी घटना होने का डर है।

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