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नई दिल्ली3 घंटे पहले
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तस्वीर 5 फरवरी की है। हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़े 104 भारतीयों को अमेरिका का मिलिट्री विमान अमृतसर छोड़ गया था।
अमेरिका ने साल 2025 में शुरुआती 7 महीने में अबतक 1703 भारतीय नागरिकों को भारत डिपार्ट किया है। इनमें 1562 पुरुष और 141 महिलाएं शामिल हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में लिखित उत्तर में ये जानकारी दी।
उनका जवाब DMK सांसद कनिमोझी ने विदेश मंत्रालय के सवाल पर आया, जिसमें पूछा गया था- क्या सरकार जनवरी 2025 से अमेरिका से डिपोर्ट किए भारतीय नागरिकों का डेटा रखती है?
सिंह ने कहा- बीत 5 साल (2020 से 2024) के बीच अमेरिका से कुल 5541 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया। इसी अवधि में ब्रिटेन से 311 भारतीयों को वापस भेजा गया है। यहां से 2025 में अबतक 131 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है।
उन्होंने कहा कि डिपोर्ट की वास्तविक संख्या में अंतर आ सकता है, क्योंकि कुछ मामलों में भारतीय नागरिकों के पास वैध यात्रा दस्तावेज होते हैं, फिर भी ब्रिटेन सरकार उन्हें सीधे डिपोर्ट कर देती है।
इसके अलावा अवैध भारतीय प्रवासियों को जारी किए गए आपातकालीन यात्रा दस्तावेज (ETD) का पूरा उपयोग नहीं हो पाता, क्योंकि वे कोर्ट में अपील करके अपने डिपोर्टेशन को टाल सकते हैं।

सिंह बोले- अमानवीय व्यवहार को लेकर कड़ी आपत्ति जताई
मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा- अमेरिका और अन्य देशों से डिपोर्ट किए जा रहे भारतीयों के साथ मानवीय व्यवहार हो इसके लिए भारत लगातार उनसे संपर्क में है। 5 फरवरी 2025 के बाद अब तक किसी डिपोर्ट फ्लाइट में यात्रियों के साथ अमानवीय व्यवहार की कोई शिकायत नहीं मिली है।
उन्होंने कहा- अमेरिका में हथकड़ी पहनाए जाने, साथ ही महिलाओं-बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके अलावा धार्मिक-सांस्कृतिक संवेदनाओं जैसे पगड़ी पहनने और खानपान की प्राथमिकताओं को लेकर भी औपचारिक तौर पर अमेरिकी प्रशासन से बात की गई है।
बेड़ियों-हथकड़ी में जकड़े भारतीयों को अमेरिका ने डिपोर्ट किया था

यह सोशल मीडिया पर पोस्ट किए वीडियो का स्क्रीन ग्रैब,इसमें प्लेन में चढ़ते लोगों के पैरों में चेन बंधी हुई थीं।
5 फरवरी 2025 को अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों को लेकर US मिलिट्री का C-17 प्लेन पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ था। इन लोगों के पैर में चेन बांधी गई थी, जबकि हाथ भी बेड़ियों में जकड़े हुए थे। अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल चीफ माइकल बैंक ने अपने X हैंडल पर इसका वीडियो शेयर किया था।
टेक्सास के सेंट एंटोनियो एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने इन्हें ऐसी हालत में ही मिलिट्री प्लेन में चढ़ाया था। वहां से भारत आने के बीच 40 घंटे का सफर इन लोगों ने बेड़ियों में जकड़े हुए ही तय किया।
कुछ लोगों ने मीडिया को बताया कि उन्हें प्लेन में एक जगह बैठे रहने को कहा गया था। उन्हें वॉशरूम तक नहीं जाने दिया गया। जब लोगों ने बहुत जोर दिया तो प्लेन का क्रू अपने साथ वॉशरूम तक लेकर गया और दरवाजा खोलकर अंदर धकेल दिया।
लोगों ने बताया कि उन्हें बहुत थोड़ा सा खाना दिया गया, जिसे हाथ बांधकर ही खाना पड़ा। डिपोर्ट किए गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी थे। अमेरिका से भारत के बीच प्लेन ने चार जगह रीफ्यूलिंग के लिए स्टॉप लिया, लेकिन अंदर बैठे लोगों को प्लेन से निकलने की इजाजत नहीं थी। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिकी सेना ने एक लाइन में चेन से बंधे भारतीयों को प्लेन में चढ़ाया था।

अवैध अप्रवासी भारतीयों को लेकर सेंट एंटोनियो एयरबेस से टेक ऑफ करता अमेरिकी मिलिट्री विमान।

अमेरिकी सैन्य विमान 4 फरवरी की सुबह 3 बजे अमेरिका के सैन एंटोनियो रवाना हुआ था।
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5 फरवरी को हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़े 104 भारतीयों को अमेरिका का मिलिट्री विमान अमृतसर छोड़ गया। इनमें से ज्यादातर लोग महीनों तक घने जंगल, बर्फीली नदी और तपते रेगिस्तान का मुश्किल सफर तय करके अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे थे। हर साल हजारों भारतीय लाखों रुपए खर्च कर अमेरिका जाने के लिए ये अवैध तरीका अपनाते हैं। पॉपुलर टर्म में इसे ‘डंकी रूट’ कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…








