आज दोपहर 12.15 बजे तक अमावस्या:  कल मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा, 1 दिसंबर को मनाई जाएगी गीता जंयती और 4 दिसंबर को खत्म होगा ये महीना
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आज दोपहर 12.15 बजे तक अमावस्या: कल मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा, 1 दिसंबर को मनाई जाएगी गीता जंयती और 4 दिसंबर को खत्म होगा ये महीना

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8 घंटे पहले

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आज (20 नवंबर) दोपहर 12.15 बजे तक अगहन मास की अमावस्या है। इसके बाद अगहन शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा। इस महीने को मार्गशीर्ष भी कहते हैं। ये महीना 4 दिसंबर को खत्म होगा। अमावस्या तिथि पर गंगा, यमुना, शिप्रा, नर्मदा जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है। स्नान के बाद दान-पुण्य करना चाहिए। इसके अलावा दोपहर में करीब 12 बजे पितरों के लिए धूप-ध्यान किया जाता है। जो लोग कल यानी 19 नवंबर को पितरों के लिए धूप-ध्यान नहीं कर पाए हैं, वे आज धूप-ध्यान कर सकते हैं।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, मार्गशीर्ष मास श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए बहुत खास है, क्योंकि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने इस महीने को अपना स्वरूप बताया है। इसी महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर गीता जंयती मनाई जाती है। इसलिए अगहन मास में पूजा-पाठ के साथ ही श्रीकृष्ण की कथाएं पढ़नी-सुननी चाहिए, श्रीकृष्ण के प्राचीन मंदिरों में दर्शन-पूजन करना चाहिए और भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए।

  • भगवान श्रीकृष्ण मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी पर दिया था गीता उपदेश

इस महीने की शुक्ल एकादशी पर गीता जंयती मनाई जाती है। इस बार ये तिथि 1 दिसंबर को है। माना जाता है कि द्वापर युग में इसी तिथि पर महाभारत युद्ध से ठीक पहले श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता उपदेश दिया था।

ये है पूरा प्रसंग

कौरव और पांडवों के बीच महाभारत युद्ध शुरू होने वाला था। श्रीकृष्ण अर्जुन के सारथी बने थे। युद्ध शुरू होने से ठीक पहले अर्जुन ने श्रीकृष्ण से कहा कि वे रथ को दोनों सेनाओं के बीच ले चलें।

अर्जुन कौरव पक्ष में भीष्म पितामह, गुरु द्रोण, कृपाचार्य आदि लोगों को देखना चाहते थे। अर्जुन की बात मानकर श्रीकृष्ण ने रथ आगे बढ़ा दिया और जब वे दोनों सेनाओं के बीच पहुंचे। अर्जुन ने कौरव पक्ष में अपने कुटुंब के लोगों को देखा, तो युद्ध करने का विचार ही त्याग दिया। अर्जुन ने श्रीकृष्ण से कहा कि मैं ये युद्ध नहीं कर चाहता। मैं मेरे कुटुंब के लोगों पर प्रहार नहीं कर सकता।

अर्जुन की ये बात सुनकर श्रीकृष्ण समझ गए कि अर्जुन भ्रम में फंस गए हैं। तब भगवान ने अर्जुन का भ्रम दूर करने के लिए गीता का उपदेश दिया। भगवान ने अर्जुन को धर्म के मार्ग पर चलने और फल की चिंता किए बिना कर्म करने का संदेश दिया था। श्रीकृष्ण की बातें सुनकर अर्जुन का भ्रम दूर हो गया और वे युद्ध करने के लिए तैयार हो गए।

  • अगहन महीने के शुक्ल पक्ष के तीज-त्योहार

इस पक्ष में विवाह पंचमी (25 नवंबर) को मनाई जाएगी। इस तिथि पर श्रीराम और सीता का विवाह हुआ था। 1 दिसंबर को एकादशी व्रत किया जाएगा, इस तिथि पर गीता जयंती मनाई जाती है। 2 दिसंबर को भौम प्रदोष है, इस दिन शिव पूजा करनी चाहिए। 4 दिसंबर को भगवान दत्तात्रेय की जयंती मनाई जाएगी और अहगन मास खत्म होगा। 5 दिसंबर से पौष मास शुरू हो जाएगा।

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