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बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान ने हाल ही में चल रही खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा है कि लीजेंडरी आरके स्टूडियो के फिर से शुरू होने का कोई प्लान अभी तक तय नहीं हुआ है। अभिनेत्री ने बताया कि यह चर्चा केवल अफवाह है और फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीना ने कहा कि उनके परिवार में कुछ समय पहले यह बात चर्चा में आई थी, लेकिन सभी ने इसे तुरंत यह मान लिया कि यह नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोग सच में आरके स्टूडियो को फिर से देखने की चाहत रखते हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव फाइनल नहीं हुआ है। करीना ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के हाथ में है। उन्होंने विशेष रूप से अपने कजिन और अभिनेता रणबीर कपूर और बहन करिश्मा कपूर का नाम लेते हुए सुझाव दिया कि शायद वे इस प्रतिष्ठित ब्रांड को आगे ले जाने के बारे में सोच सकते हैं। करीना ने कहा कि आरके स्टूडियो उनके दिल के बहुत करीब है क्योंकि यह उनके दादा राज कपूर द्वारा 1948 में स्थापित किया गया था और भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित धरोहर रहा है। लेकिन उन्होंने दलील दी कि आज के समय में इसे फिर से शुरू करना आसान काम नहीं है। आरके स्टूडियो शुरू होने की चर्चा थी दरअसल पिछले दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि रणबीर कपूर दोबारा आरके स्टूडियो शुरू करने वाले हैं। उन्होंने अंधेरी इलाके में आरके स्टूडियो के लिए एक पांच मंजिला इमारत खरीदी है। ये इमारत कनकिया वॉल स्ट्रीट कमर्शियल बिल्डिंग में 20 साल की लीज पर ली गई है। जिसमें में दोबारा से आरके स्टूडियो बनाया जाएगा, जिसमें एक आर्ट स्टूडियो, मेकअप रूम, स्क्रीनिंग रूम और मंदिर होगा. तो वहीं एक फ्लोर म्यूजिक और एडिटिंग के लिए भी रखा गया है। इस बार स्टूडियो को पूरा परिवार मिलकर संभालने वाला है। आरके स्टूडियो परिवार ने बेचा चेम्बूर वाला पुराना आरके स्टूडियो परिवार ने 180 करोड़ में बेच दिया। लेजेंडरी राज कपूर ने 1948 में बनवाया था। ‘बरसात’, ‘आवारा’, ‘मेरा नाम जोकर’, ‘बॉबी’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘प्रेम रोग’, ‘राम तेरी गंगा मैली’ जैसी आइकॉनिक फिल्में यहीं बनीं।
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