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नई दिल्ली1 घंटे पहले
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कल की बड़ी खबर संचार एप से जुड़ी रही। अमेरिकी टेक कंपनी एपल ने भारत सरकार के उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है, जिसमें हर नए फोन में ‘संचार साथी’ एप इंस्टॉल करने को कहा गया है। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह कदम लोगों की प्राइवेसी पर सीधा हमला है। यह एक जासूसी एप है। सरकार हर नागरिक की निगरानी करना चाहती है।
कल की बड़ी खबरों से पहले आज की सुर्खियां, जिन पर रहेगी नजर…
- शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है।
- पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें…
1. संचार एप- प्रियंका गांधी का जासूसी का शक कितना सही: सरकार ने इसे हर मोबाइल के लिए जरूरी किया; यह OTP पढ़ सकता है, बातचीत सुन सकता है

कल्पना करें… किसी के पास ऐसा सीक्रेट वेपन हो कि वो जब चाहे आपके फोन में झांक सके। पर्सनल मैसेज के साथ बैंक OTP जैसे मैसेज पढ़ सके। जब चाहे आपकी बात सुन सके। आपकी लोकेशन जान सके और आपके फोन में मौजूद फोटो-वीडियो देख सके। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ ऐसा ही हो सकता है संचार साथी मोबाइल एप से, जिसे सरकार ने हर मोबाइल पर इंस्टॉल करने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह कदम लोगों की प्राइवेसी पर सीधा हमला है। यह एक जासूसी एप है। सरकार हर नागरिक की निगरानी करना चाहती है। इस स्टोरी में जानेंगे कि संचार साथी मोबाइल एप क्या है? इसका विरोध क्यों हो रहा है? क्या इससे जासूसी की जा सकती है और क्या ये लोगों की प्राइवेसी पर हमला है?
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2. एपल अपने फोन में इंस्टॉल नहीं करेगा संचार एप: कहा- यूजर्स का डेटा लीक होने का खतरा, सरकार से बात कर बीच का रास्ता निकालेंगे

अमेरिकी टेक कंपनी एपल भारत सरकार के उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है, जिसमें हर नए फोन में ‘संचार साथी’ एप इंस्टॉल करने को कहा गया है। मंगलवार (2 दिसंबर) को पीटीआई ने रिपोर्ट में बताया कि, एपल इस फैसले से सहमत नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह संचार साथी एप और पोर्टल यूजर्स के सिम कार्ड्स को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन एपल इसे प्राइवेसी में दखल मान रही है। कंपनी का कहना है कि, ‘आदेश पर सरकार के साथ बातचीत की जाएगी और बीच का रास्ता निकालेंगे। हम मौजूदा स्वरूप में आदेश लागू करने में सक्षम नहीं है।’
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3. सरकारी कैब भारत टैक्सी का दिल्ली में पायलट ऑपरेशन शुरू: टैक्सी एप पर 51,000 से ज्यादा ड्राइवर ने रजिस्ट्रेशन किया; इसमें 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी
देश की पहली सहकारी टैक्सी सर्विस भारत टैक्सी का आज मंगलवार को दिल्ली में पायलट ऑपरेशन शुरू हो गया है। कार, ऑटो और बाइक तीनों सर्विस शुरू की गई हैं। इसके लिए टैक्सी एप पर 51,000 से ज्यादा ड्राइवर ने रजिस्ट्रेशन किया है। यह सेवा आठ प्रमुख सहकारी संस्थाओं के समर्थन से शुरू की गई है। इसमें मूल, इफको, कृभको, नाफेड, NDDB, NCEL, NCDC और NABARD के नाम शामिल हैं।
टैक्सी एप को सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगी, जिसे 6 जून 2025 को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के तहत रजिस्टर्ड किया गया है। सर्विस के जीरो कमीशन मॉडल से ड्राइवर को पूरी कमाई मिलेगी और प्रॉफिट भी ड्राइवरों में बंटेगा।
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4. रेपो-रेट घटी तो FD पर ब्याज भी घट सकता है: समझें इनमें क्या कनेक्शन, देखें अभी बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर कितना ब्याज दे रहे

3 से 5 दिसंबर से होने वाली RBI मीटिंग में रेपो रेट में कटौती का फैसला आ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार RBI ब्याज दर में 0.25% से 0.50% तक की कटौती कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो बैंक आने वाले दिनों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं।
ऐसे में अगर इन दिनों बैंक में FD कराने का प्लान बना रहे हैं तो इसमें देरी न करें। क्योंकि अगर बैंक ब्याज दरों कटौती कर देते हैं तो आपको FD पर कम ब्याज मिलेगा। स्टोरी में आगे बढ़ने से पहले ये जानते हैं कि रेपो रेट क्या है और इसका FD रेट्स से क्या कनेक्शन हैं। रेपो रेट वो ब्याज दर है जिस पर RBI (हमारा सेंट्रल बैंक) बैंकों को पैसा उधार देता है।
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5. DA-DR को बेसिक पे में मर्ज नहीं किया जाएगा: वित्त मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया, 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से हो सकता है लागू

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने क्लेरिफिकेशन जारी किया है कि DA (महंगाई भत्ता) और DR (महंगाई राहत) को बेसिक पे में मिलाने का कोई प्रपोजल यानी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण दिया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब 8वें वेतन आयोग की चर्चाएं जोरों पर हैं और कर्मचारी सैलरी ग्रोथ की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि DA और DR को बेसिक पे में मर्ज करने से सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आएगा। लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
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