कबूतर को दाना खिलाना शुभ है या अशुभ, क्या रोज दाना डालने से बदल सकती है किस्मत? जानिए यहां
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कबूतर को दाना खिलाना शुभ है या अशुभ, क्या रोज दाना डालने से बदल सकती है किस्मत? जानिए यहां

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Kabutar ko Dana Dalna Shubh ya Ashubh: आपने अक्सर लोगों को घर की छत, बालकनी, बगीचे या फिर पार्क में कबूतर और चिड़ियों को दाना खिलाते हुए देखा होगा। कई जगहों पर तो चौराहों पर भी लोग कबूतरों को दाना खिलाते नजर आते हैं। वास्तु शास्त्र में कबूतर को शांति, प्रेम और एकता का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इन्हें दाना डालने से घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर लोग कबूतरों को दाना क्यों खिलाते हैं और इसके पीछे कौन सी धार्मिक मान्यता जुड़ी है? ऐसे में आइए जानते हैं कि कबूतर को दाना खिलाने से क्या होता है।

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कबूतर को दाना खिलाना माना जाता है शुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, कबूतर को दाना खिलाना शुभ होता है। धार्मिक मान्यता है कि नियमित रूप से इन्हें दाना डालने से घर से नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए कई लोग रोजाना कबूतरों को दाना खिलाते हैं।

कबूतर को दाना खिलाने का सही समय

वास्तु शास्त्र के अनुसार, कबूतर को सुबह-सुबह दाना खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। खासकर सूर्योदय के समय ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिवार के दिन यह उपाय करने से शनि दोष से छुटकारा मिलता है और जीवन में खुशहाली आती है।

ये लोग कबूतर को दाना खिलाने से बचें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिनकी कुंडली में राहु और बुध का मेल होता है, उन्हें घर की छत पर कबूतर को दाना डालने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे राहु का दुष्प्रभाव बढ़ सकता है।

वैवाहिक जीवन रहता है खुशहाल

धार्मिक मान्यता है कि कबूतरों को दाना खिलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है, क्योंकि कबूतर शांति का प्रतीक माने जाते हैं। वहीं, ऐसा कहा जाता है कि कबूतर को दाना डालने से वैवाहिक जीवन में सुखी रहता है और दांपत्य जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है। आपको बता दें कि शास्त्रों में पक्षियों को दाना और पानी अर्पित करना पुण्य का कार्य माना गया है।

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डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।





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