करन औजला के दिल्ली शो से पहले विवाद बढ़ा। नोटिस जारी हुआ। (फाइल फोटो)
पंजाबी सिंगर करन औजला दिल्ली में ‘पी पॉप कल्चर इंडिया टूर’ से पहले मुश्किल में फंस गए हैं। औजला इस शो में अपने कई हिट सॉन्ग नहीं गा पाएंगे। वो यहां अपने कई हिट गाने जैसे ‘अधिया’, ‘चिट्टा कुर्ता’, ‘एल्कोहल 2’, ‘फ्यू डे’ और ‘बंदूक’ पर परफॉर्म करने वाले
.
दरअसल, साउथ ईस्ट दिल्ली की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने औजला के गानों को लेकर शो के आयोजकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि लाइव शो में शराब और ड्रग को ग्लोरिफाई करने वाले गाने नहीं गाने चाहिए।
इस संबंध में चंडीगढ़ के प्रोफेसर धरनेरव राव ने एक आवेदन दायर किया था। उन्होंने मांग की थी कि ऐसे गानों से शराब की खपत, ड्रग्स के इस्तेमाल, गन कल्चर और महिलाओं के प्रति असम्मान को बढ़ावा मिलता है, इसलिए इन पर रोक लगाई जानी चाहिए।

सिंगर करन औजला के शो को लेकर नोटिस जारी।
अब जानिए क्या है पूरा मामला…
- गानों में ड्रग-गन कल्चर को बढ़ावा देने की बातः दरअसल, शिकायतकर्ता चंडीगढ़ के प्रोफेसर धरनेरव राव ने आरोप लगाया है कि करण औजला के गाने शराब की खपत, ड्रग्स एब्यूज, गन कल्चर को ग्लोरिफाई करते हैं और महिलाओं के प्रति अपमान को दिखाते है। इसके बाद यह नोटिस जारी हुआ है।
- हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दियाः नोटिस में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के फैसले (CWP No. 6213 of 2016) का हवाला दिया गया है। जिसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कोई भी लाइव शो या इवेंट में शराब, ड्रग्स, हिंसा को ग्लोरिफाई करने वाले गाने नहीं बजाए/गाए जाएं। कोर्ट ने डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को इसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे।
- नोटिस में ये कहा गयाः नोटिस में कहा गया है कि चूंकि इवेंट में बच्चे भी मौजूद रहेंगे, इसलिए ऐसे गानों की परफॉर्मेंस से बचना चाहिए। गैर-पालना पर हाईकोर्ट की अवमानना की कार्रवाई हो सकती है। आयोजकों को ईमेल के जरिए यह निर्देश भेजा गया है।

हाईकोर्ट के निर्देश में यह कहा गया था
प्रोफेसर राव की तरफ से यूनिट को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश की कॉपी दी गई थी। जिसमें पंजाब, हरियाणा और संघ शासित प्रदेश, चंडीगढ़ में पुलिस के डीजीपी को निर्देश दिया गया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी गीत में, यहां तक कि लाइव शो में भी, शराब, मादक पदार्थों और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गाने न बजाए जाएं।
उस आर्डर में यह भी कहा गया है कि 12 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को सिनेमा हॉल/मल्टीप्लेस में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जहां “ए” प्रमाणपत्र वाली फिल्में प्रदर्शित की जाती हैं।
जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था कि पंजाब, हरियाणा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के किसी भी जिले में शैक्षणिक संस्थान के पास नग्न पोस्टर, अर्ध-निर्मित पोस्टर और अश्लील पोस्टर प्रदर्शित न किए जाएं।









