चैटजीपीटी में जल्द विज्ञापन देखने को मिल सकते हैं:  एंड्रॉइड बीटा एप के कोड में ‘सर्च ऐड’ का जिक्र; ओपनएआई की मॉनेटाइजेशन स्ट्रैटेजी
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

चैटजीपीटी में जल्द विज्ञापन देखने को मिल सकते हैं: एंड्रॉइड बीटा एप के कोड में ‘सर्च ऐड’ का जिक्र; ओपनएआई की मॉनेटाइजेशन स्ट्रैटेजी

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नई दिल्ली1 घंटे पहले

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चैटजीपीटी में यूजर्स को जल्द ही स्पॉन्सर्ड सजेशंस और विज्ञापन दिखने को मिल सकते हैं। ब्लीपिंग कंप्यूटर और फाइंडआर्टिकल्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओपनएआई चैटजीपीटी में ऐड्स लाने की तैयारी कर रही है।

कंपनी ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है, पर चैटजीपीटी के नए एंड्रॉइड बीटा एप वर्जन के शुरुआती कोड रेफरेंस में विज्ञापन शुरू होने के संकेत मिले हैं।

बीटा एप लीक में मिले एड शुरू होने के संकेत

टेक पोर्टल ब्लीपिंग कंप्यूटर के अनुसार, ChatGPT के एंड्रॉइड बीटा एप (वर्जन 1.2025.329) के कोड में ‘सर्च ऐड’, ‘सर्च ऐड्स कैरोसेल’ और ‘बाजार कंटेंट’ जैसे स्ट्रिंग्स मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि ओपन AI चैट-बेस्ड स्पॉन्सर्ड कंटेंट दिखाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बना रहा है।

वहीं एक इंजीनियर तिबोर ब्लाहो ने X पर शेयर किया कि कोड में स्पॉन्सर्ड कंटेंट के लिए सिस्टम बन रहा है। यह जनरल चैट से ज्यादा सर्च क्वेरी पर फोकस्ड लगता है। टेक न्यूज प्लेटफॉर्म गिज्मोचाइना ने कहा कि ऐड्स ट्रेडिशनल बैनर नहीं, बल्कि कन्टेक्स्टुअल सजेशंस होंगे। जैसे शॉपिंग क्वेरी में प्रोडक्ट कार्ड्स।

इंजीनियर तिबोर ब्लाहो ने X पर शेयर किया कि कोड में स्पॉन्सर्ड कंटेंट के लिए सिस्टम बन रहा है।

इंजीनियर तिबोर ब्लाहो ने X पर शेयर किया कि कोड में स्पॉन्सर्ड कंटेंट के लिए सिस्टम बन रहा है।

विज्ञापन क्यों ला रही ओपनएआई

ओपनएआई के पावरफुल मॉडल्स चलाने का कॉस्ट बहुत ज्यादा है। अभी सब्सक्रिप्शन (चैटजीपीटी प्लस) और API लाइसेंसिंग से कमाई हो रही है, लेकिन ऐड्स तीसरा रेवेन्यू सोर्स बनेगा। CEO सैम ऑल्टमैन यह कह चुके हैं कि ऐड्स ट्राई करने का विकल्प है, लेकिन हमने कोई कमिटमेंट नहीं किया।

2022 में ChatGPT को पब्लिकली अनवील किया था

OpenAI ने नवंबर 2022 में दुनिया के लिए ChatGPT अनवील किया था। इस AI टूल ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। म्यूजिक और पोएट्री लिखने से लेकर निबंध लिखने तक, ChatGPT बहुत सारे काम कर सकता है। यह एक कन्वर्सेशनल AI है। एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो आपको इंसानों की तरह जवाब देता है।

OpenAI में माइक्रोसॉफ्ट जैसी बिग टेक कंपनी ने 13 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश कर रखा है। कंपनी ने अपने सर्च इंजन ‘बिंग’ में भी ChatGPT को इंटीग्रेट किया है। कई कंपनियां भी ChatGPT का इस्तेमाल करने के लिए आतुर हैं। ऐसे में AI बेस्ड इस चैटबॉट का इस्तेमाल आने वाले दिनों में कहीं ज्यादा फैलने की उम्मीद है।

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