जरूरत की खबर- इंस्टा रील बनाने वाले ध्यान दें:  पब्लिक प्लेस पर बिना अनुमति रील-वीडियो बनाना गैरकानूनी, जानें क्या हैं नियम
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जरूरत की खबर- इंस्टा रील बनाने वाले ध्यान दें: पब्लिक प्लेस पर बिना अनुमति रील-वीडियो बनाना गैरकानूनी, जानें क्या हैं नियम

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6 घंटे पहलेलेखक: संदीप सिंह

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आज के समय में सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाना सिर्फ शौक नहीं, बल्कि ट्रेंड बन चुका है। पार्क, रेलवे स्टेशन, पर्यटन स्थल पर या किसी सरकारी इमारत में कई लोग अपने फोन का कैमरा ऑन करके शूटिंग करने लगते हैं।

लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ जगहों पर ऐसा करना गैरकानूनी है? हाल ही में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति रील, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पाबंदी लगा दी है।

इससे पहले झांसी रेल मंडल भी रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म पर और ट्रेन में रील बनाने या वीडियो शूट करने पर रोक लगा चुका है। ये फैसले उन घटनाओं के बाद आए, जब लोगों ने नियम तोड़कर सार्वजनिक जगहों पर गाने और डांस वाले वीडियो शूट किए और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

तो चलिए, जरूरत की खबर में आज जानेंगे कि भारत में पब्लिक प्लेस पर रील या वीडियो बनाने को लेकर क्या नियम-कानून हैं? साथ ही बात करते हैं कि-

  • किन जगहों पर वीडियो शूट करना गैरकानूनी है?
  • बिना अनुमति शूटिंग करने पर क्या सजा हो सकती है?

एक्सपर्ट: सरोज कुमार सिंह, एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट

नवल अग्रवाल, जनसंपर्क अधिकारी, भोपाल रेल मंडल

सवाल- क्या पब्लिक प्लेस पर रील या वीडियो बनाना कानूनी है?

जवाब- एडवोकेट सरोज कुमार सिंह कहते हैं कि पब्लिक प्लेस पर रील या वीडियो बनाना अवैध नहीं है, लेकिन यह तभी वैध माना जाता है, जब आप स्थानीय प्रशासन, संबंधित विभाग या संपत्ति के मालिक की अनुमति लेकर शूटिंग करें।

साथ ही किसी की प्राइवेसी, सुरक्षा या किसी कानून का उल्लंघन न हो। अगर आप बिना अनुमति ऐसे स्थानों पर शूटिंग करते हैं जो प्रतिबंधित, संवेदनशील या सरकारी नियंत्रण में हैं तो यह कानून के तहत अपराध माना जाता है।

सवाल- किन जगहों पर बिना अनुमति शूटिंग करना या वीडियो बनाना बैन है?

जवाब- रील या वीडियो बनाना आजकल बड़ा ट्रेंड है, लेकिन कुछ जगहों पर इसके लिए सख्त नियम हैं। इन नियमों का उद्देश्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, उनकी प्राइवेसी की रक्षा करना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है।

अगर कोई इन स्थानों पर बिना परमिशन शूटिंग करता है तो यह कानून का उल्लंघन माना जाएगा। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए, किन जगहों पर बिना अनुमति शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

सवाल- अगर किसी की अनुमति के बिना उसका वीडियो बना लिया तो क्या होगा?

जवाब- बिना इजाजत वीडियो रिकॉर्ड करना निजता (Privacy) पर हमला है। भारतीय कानून में इसे गंभीर अपराध माना गया है।

  • IT Act, 2000 की धारा 66E के तहत किसी व्यक्ति की सहमति के बिना फोटो या वीडियो लेना, रखना या शेयर करना दंडनीय है। इसके तहत 3 साल तक की सजा या 2 लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
  • IT Act, धारा 67 के तहत अगर कंटेंट अश्लील या आपत्तिजनक है तो सजा और भी कड़ी हो सकती है।
  • BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं के तहत कुछ मामलों में वॉयरिज्म (किसी के प्राइवेट स्पेस को छिपकर देखना या उसका वीडियो बनाना) और महिला की गरिमा भंग करने से जुड़े प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

सवाल- अनुमति के साथ ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर वीडियो बनाते किन बातों का ख्याल रखें? दूसरों की प्राइवेसी को लेकर क्या सतर्कता बरतें?

जवाब- रेलवे स्टेशन और ट्रेन में वीडियो बनाते समय यह जरूरी है कि अन्य यात्रियों की अनुमति के बिना उनका चेहरा या निजी जानकारी रिकॉर्ड न करें।

सहमति के बिना वीडियो बनाना निजता का उल्लंघन माना जाता है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए वीडियो बनाते समय इस बात का ध्यान रखें।

सवाल- रेलवे स्टेशन या ऐतिहासिक स्थलों पर रील या वीडियो बनाने के लिए अनुमति लेने की प्रक्रिया क्या है?

जवाब- रेलवे स्टेशन या ऐतिहासिक स्थलों पर वीडियो या रील बनाने के लिए पहले संबंधित रेलवे विभाग या पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) से लिखित अनुमति लेना जरूरी होता है।

इसके लिए आपको आवेदन जमा करना होता है, सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है और कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स देने होते हैं। इसके अलावा वीडियो शूट करने के चार्जेज भी अलग-अलग जगह, शूटिंग के प्रकार और समय के हिसाब से तय होते हैं।

उदाहरण के तौर पर

  • ASI के तहत ताजमहल या कुतुबमीनार जैसे प्रसिद्ध स्थलों पर प्रोफेशनल शूटिंग के लिए 1 दिन का शुल्क लगभग 50,000 रुपए से शुरू होता है।
  • रेलवे स्टेशन पर शूटिंग के लिए शुल्क जोन, सुरक्षा जरूरत और शूटिंग के मुताबिक 10,000 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक हो सकता है।
  • यह शुल्क अनुमति देने वाली एजेंसी द्वारा तय किया जाता है और आवेदन के समय स्पष्ट रूप से बताया जाता है।
  • इसलिए किसी भी शूटिंग से पहले संबंधित प्राधिकरण से संपर्क कर प्रक्रिया, शुल्क और नियमों की पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी होता है।

सवाल- क्या ताजमहल, कुतुबमीनार जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर मोबाइल फोन से बिना अनुमति वीडियो बनाना गैरकानूनी है?

जवाब- आमतौर पर ताजमहल, कुतुबमीनार जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर मोबाइल फोन से पर्सनल या पारिवारिक यादगार के लिए वीडियो बनाना गैरकानूनी नहीं माना जाता है।

अगर आप उस वीडियो को कॉमर्शियल, सोशल मीडिया एडवर्टाइजमेंट या प्रमोशन के लिए बनाते हैं तो बिना पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) की अनुमति यह नियमों का उल्लंघन होगा।

ऐसी स्थिति में जुर्माना, उपकरण की जब्ती या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए हमेशा वीडियो बनाने से पहले उद्देश्य के अनुसार अनुमति लेना जरूरी है, खासकर जब शूटिंग बड़े पैमाने पर हो या सार्वजनिक रूप से शेयर करनी हो।

सवाल- रेलवे स्टेशन या ऐतिहासिक स्थलों पर शूटिंग करने के लिए सही प्रक्रिया क्या है?

जवाब- ऐसी स्थिति में इन स्टेप्स को फॉलो करें।

  • सबसे पहले संबंधित विभाग से संपर्क करें।
  • इसके लिए एक लिखित आवेदन जमा करें।
  • आवेदन में शूटिंग का मकसद, समय, स्थान और उपकरणों की स्पष्ट जानकारी दें।
  • सुरक्षा जांच और आवश्यक डॉक्युमेंट्स जैसे पहचान पत्र, शूटिंग टीम के सदस्य की जानकारी आदि उपलब्ध कराएं।
  • अनुमति मिलने पर निर्धारित शुल्क का भुगतान करें।
  • अनुमति मिलने के बाद ही शूटिंग शुरू करें।

सवाल- बिना अनुमति रेलवे स्टेशन या ऐतिहासिक स्थलों पर शूटिंग करने पर कानून के मुताबिक क्या सजा और कार्रवाई हो सकती है?

जवाब- ऐसा करना गंभीर अपराध माना जाता है। रेलवे एक्ट, 1989 के तहत ऐसे नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है और स्थान के आधार पर तीन महीने तक की जेल भी हो सकती है।

  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 66E के तहत भी बिना अनुमति किसी की निजता का उल्लंघन करने पर सजा हो सकती है, जिसमें जेल या जुर्माना शामिल है।
  • अगर शूटिंग के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन होता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जा सकता है।
  • स्थानीय प्रशासन मौके पर कैमरे और उपकरण जब्त कर सकता है और उल्लंघनकर्ता को तत्काल हिरासत में ले सकता है।

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