2 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

आपने देखा होगा कि आयरन करते वक्त कुछ कपड़े खराब हो जाते हैं। कहीं से सिकुड़ जाते हैं, कहीं पर निशान आ जाते हैं या कपड़े की चमक ही चली जाती है।
दरअसल, हर कपड़े का फैब्रिक अलग होता है और सब पर एक ही तरीके से आयरन नहीं किया जा सकता है। सिल्क, नायलॉन या वूलन कपड़े जरा सी ज्यादा गर्मी से जल सकते हैं। वहीं कुछ कपड़े ऐसे होते हैं जिन्हें आयरन की जरूरत ही नहीं होती है, बल्कि उन्हें हल्के स्टीमर से भी बढ़िया लुक मिल जाता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपके पसंदीदा कपड़े लंबे समय तक नए जैसे दिखें, तो आपको यह समझना होगा कि किस कपड़े को कैसे आयरन या स्टीम किया जाना चाहिए।
इसलिए ‘जरूरत की खबर‘ कॉलम में जानेंगे कि-
- स्टीम और आयरन में क्या अंतर है?
- किन कपड़ों को स्टीमिंग की जरूरत होती हैं?

सवाल- आयरनिंग से कौन से कपड़े खराब हो सकते हैं?
जवाब- हर फैब्रिक आयरनिंग के लिए सुरक्षित नहीं होता है। कुछ कपड़े आयरन के हाई टेम्परेचर से खराब हो सकते हैं। ऐसे कपड़ों को प्रेस नहीं करना चाहिए या बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।

सवाल– आयरन और गारमेंट स्टीमर क्या होते हैं और इनमें क्या फर्क है?
जवाब– आयरन और गारमेंट स्टीमर दोनों ही कपड़ों की सिलवटें दूर करने वाले गैजेट्स हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग होता है। आयरन एक पारंपरिक डिवाइस है जो गर्म प्लेट से कपड़ों पर दबाव डालकर सिलवटें हटाता है।
आयरन
यह कॉटन, लिनन जैसे मोटे कपड़ों और फॉर्मल लुक के लिए बेहतर होता है। आयरन कई प्रकार के होते हैं, जैसे ड्राय आयरन, स्टीम आयरन और ट्रैवल आयरन।
गारमेंट स्टीमर
गारमेंट स्टीमर भाप की मदद से बिना सीधे संपर्क के सिलवटें हटाता है। यह खासतौर पर सिल्क, नायलॉन और जॉर्जेट जैसे नाजुक कपड़ों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हैंडहेल्ड, स्टैंडिंग और प्रोफेशनल स्टीमर जैसे विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं। स्टीमर को आयरनिंग बोर्ड की जरूरत नहीं होती है और यह परदे, कुशन और फर्नीचर जैसी चीजों पर भी इस्तेमाल हो सकता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- आयरन चुनना बेहतर है या स्टीमर?
जवाब- आयरन या स्टीमर में से बेहतर विकल्प की बात करें तो यह हमारी जरूरतों पर निर्भर करता है।
कपड़े का प्रकार
अगर आपके कपड़े सिल्क, सैटिन, पॉलिस्टर या जॉर्जेट जैसे नाजुक फैब्रिक के हैं, तो स्टीमर बेहतर विकल्प है। वहीं कॉटन, लिनन या डेनिम जैसे भारी कपड़ों के लिए आयरन ज्यादा असरदार है।
जरूरत के अनुसार चुनें विकल्प
अगर आपको जल्दी ऑफिस या मीटिंग के लिए निकलना होता है और बस हल्की सिलवटें हटानी हैं, तो स्टीमर बेस्ट है। लेकिन अगर फॉर्मल ड्रेस, शर्ट या पैंट में क्रीज बनानी है, तो आयरन जरूरी है।
स्टोरेज और जगह की समस्या
स्टीमर के हैंडहेल्ड मॉडल, छोटे होते हैं और कम जगह घेरते हैं। वहीं आयरन के साथ आयरनिंग बोर्ड के लिए भी जगह चाहिए।
ट्रैवलिंग में स्टीमर बेहतर विकल्प
अगर आप अक्सर ट्रैवल करते हैं तो पोर्टेबल स्टीमर सुविधाजनक हो सकता है। यह आयरन की तुलना में यह हल्का होता है और इसके लिए बोर्ड की जरूरत भी नहीं होती है।
बजट के अनुसार चुनें विकल्प
आयरन लगभग 300 रुपए से मिलना शुरू हो जाते हैं। वहीं स्टीमर 1,000 रुपए से लेकर 5,000 रुपए की रेंज में मिलते हैं। स्टीमर आमतौर पर आयरन की तुलना में थोड़े महंगे होते हैं। इसलिए बजट के अनुसार विकल्प चुनें।
सवाल- स्टीमर या आयरन का इस्तेमाल कैसे करें?
जवाब- आयरन और स्टीमर इस्तेमाल करने के तरीके अलग-अलग होते हैं। आमतौर पर हम सबके घर में आयरन होता है। लेकिन स्टीमर मिलना मुश्किल होता है। ग्राफिक में इन्हें इस्तेमाल करने का तरीका देखिए।

सवाल- कपड़ों का रख-रखाव कैसे करें?
जवाब- कपड़ों के रख-रखाव के लिए सबसे बेहतर तरीका है कि कपड़ों के केयर लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए और सावधानी पूर्वक उसे फॉलो करना चाहिए। इससे कपड़े लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- क्या स्टीमर आयरन से बेहतर है?
जवाब- स्टीमर अधिकतर कपड़ों की सिलवटें जल्दी और आसानी से हटाने के लिए बेहतरीन होता है। लेकिन अगर बात फॉर्मल शर्ट या ट्राउजर जैसे कपड़ों में शार्प क्रीज बनाने की हो, तो आयरन ज्यादा असरदार होता है। आयरन कपड़े के सीधे संपर्क में आता है, जिससे क्रीज साफ और टिकाऊ बनती हैं, जो स्टीमर से मुश्किल है।
सवाल- क्या सभी कपड़ों पर स्टीमर इस्तेमाल किया जा सकता है?
जवाब- स्टीमर अधिकतर कपड़ों के लिए सुरक्षित होता है, खासकर सिल्क, साटन और शिफॉन जैसे नाजुक फैब्रिक के लिए अच्छा है।
इसमें गर्म प्लेट से सीधे कपड़े को छूने की जरूरत नहीं होती, इसलिए जलने या खराब होने का खतरा कम होता है। हालांकि, स्टीमिंग से पहले कपड़े के लेबल पर दिए गए निर्देश जरूर पढ़ें, क्योंकि कुछ फैब्रिक भाप या गर्मी से खराब हो सकते हैं।
सवाल- यात्रा के लिए स्टीमर बेहतर है या आयरन?
जवाब- ट्रैवल के लिए हैंडहेल्ड स्टीमर ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि यह छोटा, हल्का और पैक करने में आसान होता है। इसकी खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए आयरनिंग बोर्ड की जरूरत नहीं होती। सूटकेस से निकाले कपड़ों को जल्दी से फ्रेश करने के लिए स्टीमर एक आसान और किफायती उपाय है।
सवाल- क्या स्टीमर, आयरन की तुलना में ज्यादा बिजली खर्च करता है?
जवाब- यह गैजेट के मॉडल और इस्तेमाल की अवधि पर निर्भर करता है। स्टीमर जल्दी गर्म हो जाता है, जिससे लंबे समय में यह थोड़ी कम बिजली खर्च करता है, जबकि आयरन को गर्म होने में ज्यादा समय लग सकता है।
सवाल- क्या स्टीमर या आयरन में नल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है?
जवाब- स्टीमर और आयरन दोनों में साफ पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। नल के पानी में मौजूद मिनरल्स इन उपकरणों के अंदर जमा होकर स्केलिंग या रुकावट पैदा कर सकते हैं, जिससे इनकी परफॉर्मेंस खराब हो सकती है और लाइफ कम हो सकती है। डिस्टिल्ड पानी इस्तेमाल करने से ये समस्याएं नहीं होती हैं और मशीन भी लंबे समय तक चलती है।
………………
ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- बाहर के कपड़े पहनकर सीधा बेड पर?: न करें ये गलती, घर आते ही पहले बदलें कपड़े, डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें ये क्यों जरूरी

दिनभर की थकान के बाद घर लौटते ही पहला ख्याल यह आता है कि बिस्तर मिले और लेट जाएं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिन कपड़ों को पहनकर आप ऑफिस, बाजार या मेट्रो से गुजरते हैं, वही कपड़े सीधे आपके बिस्तर पर पहुंच जाएं तो क्या होगा? पूरी खबर पढ़िए…








