7 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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सर्दियों का मौसम आते ही स्टोरेज से रजाई-कंबल निकाले जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक पैक रहने के कारण उनमें से अजीब सी स्मेल आने लगती है। कुछ लोग इसके लिए प्रोफेशनल ड्रायक्लीनर्स की मदद लेते हैं, लेकिन यह खर्चीला और समय लेने वाला होता है।
हालांकि कुछ नेचुरल तरीके भी हैं, जिनसे हम बहुत कम बजट में रजाई-कंबल को आसानी से रिफ्रेश कर सकते हैं। सुगंधित तेल, बेकिंग सोडा, व्हाइट विनेगर और कपूर के इस्तेमाल से स्मेल को सुरक्षित और किफायती तरीके से दूर किया जा सकता है। ये उपाय न सिर्फ रजाई-कंबल को रिफ्रेश करते हैं बल्कि फैब्रिक्स की सुरक्षा भी करते हैं।
तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम रजाई-कंबल से स्मेल हटाने के आसान और घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
- स्मेल से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
एक्सपर्ट: नीरूशा निकहत, फैशन डिजाइनर एंड हाउसकीपिंग एक्सपर्ट, मुंबई
सवाल- ठंड में रजाई-कंबल निकालने पर स्मेल क्यों आती है?
जवाब- रजाई-कंबल में स्मेल मुख्य रूप से लंबे स्टोरेज के दौरान फंसी नमी, धूल और फफूंदी की वजह से आती है। पैकिंग में हवा नहीं लगती, जिससे फफूंद, बैक्टीरिया पनपते हैं और मस्टीनैस (सीलन वाली स्मेल) पैदा होती है। नीचे दिए ग्राफिक से स्मेल के मुख्य कारणों को समझिए-

सवाल- रजाई-कंबल की स्मेल दूर करने का सबसे आसान तरीका क्या है?
जवाब- इसका सबसे आसान और प्रभावी तरीका रजाई-कंबल को सीधी धूप में रखना है। इसके कई फायदे हैं। जैसेकि-
- स्मेल और नमी दूर होती है।
- धूल-मिट्टी हटती है।
- फंगस-बैक्टीरिया खत्म होते हैं।
- वे साफ और फ्रेश दिखते हैं।
- बार-बार धोने की जरूरत नहीं होती है।
सवाल- क्या सिर्फ धूप दिखाना काफी है?
जवाब- सिर्फ धूप दिखाना पर्याप्त नहीं है। धूप में रखने से उनमें मौजूद नमी और हल्की स्मेल जरूर दूर होती है, लेकिन धूल, पसीना, बैक्टीरिया और डस्ट माइट्स पूरी तरह खत्म नहीं होते हैं। बेहतर होगा कि साल में कम-से-कम एक बार रजाई-कंबल को ड्रायक्लीन या हल्के डिटर्जेंट से धोएं। स्टोर करने से पहले पूरी तरह सूख जाने पर ही पैक करें, वरना उनमें फफूंदी और स्मेल हो सकती है।
सवाल- रजाई-कंबल से स्मेल हटाने के आसान और घरेलू तरीके क्या हैं?
जवाब- बिना केमिकल्स या वॉशिंग के कई घरेलू तरीकों से ये स्मेल आसानी से हटाई जा सकती है। ये तरीके जैसे धूप, कपूर, विनेगर आदि सामान्य ड्रायक्लीनिंग से अलग हैं क्योंकि ये केमिकल-फ्री हैं, सस्ते हैं और घर पर ही किए जा सकते हैं।
धूप की गर्मी नमी को वाष्पित करती है और UV किरणें बैक्टीरिया को मारती हैं। जबकि कपूर और बेकिंग सोडा स्मेल को सोखते हैं। ये तरीके ऊनी कपड़ों के लिए खासतौर पर सुरक्षित हैं, क्योंकि ये फाइबर्स को नुकसान नहीं पहुंचाते। ये उपाय इकोफ्रेंडली भी हैं और कोई साइड इफेक्ट नहीं देते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से स्टेप-बाय-स्टेप तरीका समझिए-

सवाल- घरेलू उपायों से रजाई-कंबल से स्मेल हटाने के क्या फायदे हैं?
जवाब- इसका सबसे बड़ा फायदा है कि ये तरीके सस्ते और आसान हैं, जिससे समय और पैसे की बचत होती है। धूप से बैक्टीरिया मरते हैं, जिससे बिस्तर हाइजीनिक रहता है। कपूर और एसेंशियल ऑयल्स ताजगी देते हैं और घर को सुगंधित बनाते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसके और फायदों को समझिए-

सवाल- घरेलू उपायों को अपनाने के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब- इसके लिए कुछ खास सावधानियां बरतने की जरूरत नहीं होती है। हालांकि कई बार विनेगर या ऑयल का इस्तेमाल फैब्रिक को गीला कर सकता है और अगर ठीक से न सुखाया जाए तो नई स्मेल पैदा हो सकती है। इसके अलावा ऊनी कपड़ों में ज्यादा कपूर से एलर्जी हो सकती है। विनेगर की तेज स्मेल शुरुआत में असहज लग सकती है। इसलिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि-
- उपाय अपनाने से पहले फैब्रिक टेस्ट जरूर करें।
- ज्यादा मात्रा में विनेगर या ऑयल न डालें।
- एलर्जी वाले लोग कपूर से बचें।
- इन सामग्रियों को बच्चों और पेट्स से दूर रखें।
- गीले फैब्रिक पर इनका इस्तेमाल न करें।
सवाल- क्या ये उपाय सभी फैब्रिक्स के लिए सुरक्षित हैं?
जवाब- नहीं, सिल्क या बहुत नाजुक फैब्रिक्स में सावधानी बरतें। ऊनी और कॉटन के लिए बेस्ट हैं, लेकिन इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूरी है।
सवाल- रजाई-कंबल को बार-बार धोने से बचने के क्या तरीके हैं?
जवाब- इसका सबसे आसान तरीका है, समय-समय पर ‘एयरिंग’ यानी खुली हवा में रखना। हर 15–20 दिन में कुछ घंटे धूप या खुली हवा में रजाई-कंबल टांगे। इससे सीलन और नमी नहीं जमती है। हल्की खुशबू और सॉफ्टनेस बनी रहती है।
सवाल- ड्रायक्लीन कराना कब जरूरी होता है?
जवाब- अगर रजाई-कंबल पर दाग, बदबू या सीलन महसूस हो या उसे कई महीनों से इस्तेमाल किया जा रहा हो तो ड्रायक्लीन कराना जरूरी होता है।
आमतौर पर साल में एक बार ड्रायक्लीन कराना पर्याप्त है। अगर घर में एलर्जी, अस्थमा या स्किन इन्फेक्शन की समस्या है तो हर 6 महीने में कराना बेहतर है। बारिश या सर्दियों के बाद स्टोर करने से पहले ड्रायक्लीन जरूर कराएं, ताकि धूल, बैक्टीरिया और डस्ट माइट्स से बचाव हो सके।
सवाल- रजाई-कंबल स्टोर करने का सही तरीका क्या है? इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- स्मेल का असली कारण गलत स्टोरेज होता है। इसलिए हमेशा कंबल रजाई पैक स्टोर करते समय कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। जैसेकि-
- स्टोर करने से पहले रजाई-कंबल को कुछ घंटे धूप में फैलाकर रखें। इससे उनमें मौजूद नमी और बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।
- प्लास्टिक बैग की जगह कॉटन बैग या ब्रीदेबल स्टोरेज कवर का इस्तेमाल करें।
- स्मेल से बचाने के लिए कुछ कपूर की टिकिया या सूखी नीम की पत्तियां रख दें।
- स्टोर वाली जगह पर नमी या सीलन बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
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