6 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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सर्दियों के मौसम में जोड़ों में दर्द व अकड़न की समस्याएं बढ़ जाती हैं। दरअसल तापमान में कमी के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे जोड़ों में ब्लड फ्लो कम हो जाता है और दर्द महसूस होता है।
इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी कम होने के कारण भी ऐसा हो सकता है। यह स्थिति खासकर बुजुर्गों और आर्थराइटिस से पीड़ित लोगों में ज्यादा दर्दनाक होती है।
मार्च 2014, में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी बताती है कि, सर्दियों में आर्थराइटिस के लक्षण बढ़ जाते हैं।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में 52.8 करोड़ लोग ऑस्टियोआर्थराइटिस और करीब 1.76 करोड़ लोग रूमेटॉइड आर्थराइटिस से पीड़ित हैं।
वहीं जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (JAPI) में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, भारत में लगभग 0.75% से 1% आबादी यानी करीब 50 से 70 लाख लोगों को रूमेटॉइड आर्थराइटिस है। सर्दियों में इन लोगों के जोड़ों में दर्द बढ़ जाता है। हालांकि कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर जोड़ों के दर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है।
तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम सर्दियों में होने वाले जॉइंट पेन के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- सर्दियों में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ता है?
- इससे कैसे बचा जा सकता है?
एक्सपर्ट: डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा, सीनियर कंसल्टेंट, आर्थोपेडिक्स एंड स्पाइन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल- सर्दियों में जोड़ों में अकड़न और दर्द क्यों बढ़ता है?
जवाब- ठंड में तापमान में कमी के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं। इससे जोड़ों और मांसपेशियों तक ब्लड फ्लो कम पहुंचता है, जिसके कारण दर्द, जकड़न और भारीपन बढ़ने लगता है।
ठंड में मांसपेशियां ठंडी होकर टाइट हो जाती हैं। इससे जोड़ों पर अधिक दबाव पड़ता है और दर्द बढ़ जाता है। जिन लोगों को ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या होती है, उनमें ठंड के दिनों में लक्षण ज्यादा बढ़ जाते हैं।
इसके अलावा ठंड में लोग फिजिकली कम एक्टिव रहते हैं, जिससे जॉइंट्स की मूवमेंट कम हो जाती है। इससे भी दर्द बढ़ता है। नीचे दिए ग्राफिक से सर्दियों में जॉइंट पेन के संभावित कारणों को समझिए-

सवाल- इस दर्द को कम करने के लिए क्या करें?
जवाब- सर्दियों में जोड़ों के दर्द और अकड़न से राहत पाने के लिए कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं। जैसेकि-
- हल्की गर्म पट्टी (हॉट वाटर बैग) से जोड़ों पर सिकाई करें।
- दर्द वाले हिस्से पर तेल लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें।
- रोज सुबह 30–40 मिनट स्ट्रेचिंग, वॉकिंग या योग करें।
- 15–20 मिनट रोजाना धूप में बैठें। इससे विटामिन D मिलता है, जो हड्डियों और जोड़ों के लिए बेहद जरूरी है।
- दर्द बढ़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
सवाल- जोड़ों का दर्द कम करने के लिए कौन-सी एक्सरसाइज फायदेमंद हैं?
जवाब- आर्थोपेडिक्स डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि कुछ एक्सरसाइज जोड़ों को लचीला बनाती हैं और दर्द कम करती हैं। जैसेकि-
वॉकिंग

रोज 20–30 मिनट की वॉक जोड़ों को एक्टिव रखती है।
सूर्य नमस्कार

ये कम समय में ओवरऑल हेल्थ के लिए एक अच्छी एक्सरसाइज है।
नी-टू-चेस्ट स्ट्रेच

पीठ के बल लेटकर एक पैर को घुटने से मोड़कर छाती की ओर खींचें। 15–20 सेकेंड होल्ड करें। इससे लोअर बैक और हिप जॉइंट की स्टिफनेस कम होती है।
हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच

जमीन पर बैठकर एक पैर सीधा रखें, दूसरे को मोड़ लें। आगे झुककर पैर की उंगलियों को छूने की कोशिश करें। घुटनों व जांघों की जकड़न कम होती है।
एंकल रोटेशन

पैर को हवा में उठाकर टखने को गोल-गोल घुमाएं। घुटने और टखने के जॉइंट को लचीला बनाता है।
शोल्डर रोल्स

कंधों को आगे और फिर पीछे की तरफ घुमाएं। सर्दियों में बढ़ने वाली गर्दन-कंधे की टाइटनेस कम होती है।
किसी भी एक्सरसाइज को अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। दर्द होने पर जबरदस्ती न करें।
सवाल- सर्दियों में जोड़ों के दर्द से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
जवाब- डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि इसके लिए शरीर को गर्म रखना, नियमित हल्की एक्सरसाइज करना और खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा कुछ और बातों का भी ध्यान रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- जॉइंट पेन से बचने के लिए खानपान में क्या बदलाव करें?
जवाब- इसके लिए अपने खाने में रोजाना हल्दी, अदरक, लहसुन, दालचीनी और कालीमिर्च जैसी नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी चीजें जरूर शामिल करें। इसके अलावा ओमेगा-3 युक्त फूड्स (बादाम, अखरोट, अलसी के बीज, फैटी फिश), विटामिन C और D रिच चीजें (संतरा, कीवी, अमरूद, अंडे, दूध) और कैल्शियम रिच फूड (गुड़, तिल, मूंगफली, बाजरा) जरूर खाएं।
साथ ही प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक-चीनी, तला-भुना और पैकेज्ड स्नैक्स कम कर दें क्योंकि ये सूजन बढ़ाते हैं। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, ठंडा पानी या फ्रिज में रखी ठंडी चीजें बिल्कुल न खाएं।
सवाल- किन लोगों को सर्दियों में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब- कुछ लोग ठंड के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। इसलिए इन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

सवाल- जॉइंट पेन से बचने के लिए किस तरह की गलतियां नहीं करनी चाहिए?
जवाब- डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि कुछ छोटी-छोटी लापरवाहियां सर्दियों में जोड़ों के दर्द को बढ़ा देती हैं। इसलिए इनसे बचना जरूरी है। जैसेकि-
- सुबह उठते ही ठंडे फर्श पर न चलें।
- बहुत ठंडे या बहुत गर्म पानी से न नहाएं।
- ठंडा या बासी खाना न खाएं।
- ठंडी हवा में बाहर न निकलें।
- दर्द हो तो भी एक ही जगह बैठे न रहें। हल्का मूवमेंट करते रहें।
- ज्यादा भारी वजन या अचानक से भारी वजन न उठाएं।
- बिना वार्म-अप के सीधे एक्सरसाइज न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर न लें।

सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है?
जवाब- अगर जोड़ों का दर्द सामान्य घरेलू उपायों और हल्की एक्सरसाइज से भी ठीक न हो तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। कुछ स्थितियों में देरी करना नुकसानदायक हो सकता है। जैसेकि-
- अगर दर्द के साथ जोड़ों में सूजन, लालिमा या गर्माहट महसूस हो।
- अगर चलने-फिरने में दिक्कत या जॉइंट स्टिफनेस बढ़ जाए।
- अगर रात में इतना दर्द हो कि नींद प्रभावित होने लगे।
- अगर दर्द के साथ बुखार, थकान या वजन कम होने जैसे दिखाई दें।
- अगर जोड़ों में अचानक तेज, चुभने वाला दर्द शुरू हो जाए।
- अगर दर्द 1-2 हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे।
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