7 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
- कॉपी लिंक

सर्दियों का मौसम स्किन और होंठों के लिए काफी चैलेंजिंग होता है। शुष्क व सर्द हवाएं स्किन से मॉइश्चर छीन लेती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर होंठों पर देखने को मिलता है।
दरअसल होंठों की स्किन बाकी स्किन की तुलना में काफी पतली, नाजुक और सेंसिटिव होती है। यही वजह है कि कम तापमान, सर्द हवाओं और ड्राईनेस के कारण होंठ जल्दी फटने, छिलने और दर्द देने लगते हैं।
फटे होंठ न सिर्फ देखने में खराब लगते हैं, बल्कि इनमें जलन, चुभन, पपड़ी जमना और कभी-कभी खून निकलना भी शुरू हो जाता है। चेहरे की खूबसूरती को प्रभावित करने के साथ ये मुस्कुराने, बोलने और कुछ खाने तक को भी असहज बना देता है।
ऐसे में सर्दियों में होंठों की सही देखभाल बेहद जरूरी है। हालांकि सही केयर और कुछ जरूरी सावधानियों के साथ इस आम समस्या से बचा जा सकता है।
तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम सर्दियों में होंठ फटने के पीछे की असली वजह समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- अनहेल्दी होंठों के क्या संकेत हैं?
- इस परेशानी से बचने के क्या उपाय हैं?
एक्सपर्ट: डॉ. डिंपल कोठारी, विजिटिंग कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर
सवाल- सर्दियों में होंठ क्यों फटते हैं?
जवाब- इसके पीछे की मुख्य वजह होंठों की स्किन में मॉइश्चर की कमी है। दरअसल होंठों की स्किन में पसीने और ऑयल के ग्लैंड्स नहीं होते, इसलिए यह ड्राईनेस से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाती है। नीचे दिए गए ग्राफिक से होंठ फटने के मुख्य कारणों को समझिए-

आइए, अब इन पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं।
डिहाइड्रेशन
ठंड के कारण लोग अक्सर पानी पीना कम कर देते हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर इसका असर होंठों पर सबसे पहले दिखाई देता है। वे रूखे होकर फटने लगते हैं।
शुष्क और सर्द हवा
सर्दियों में वातावरण में नमी कम हो जाती है। जब ठंडी और शुष्क हवा चलती है तो यह होंठों की नेचुरल मॉइश्चर को बहुत तेजी से सोख लेती है, जिससे होंठ सूखने व फटने लगते हैं।
पोषक तत्वों की कमी
शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स, जैसे विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन), विटामिन B3 (नियासिन), विटामिन B6, आयरन और जिंक की कमी भी होंठ फटने का कारण बन सकती है।
अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें
सर्दियों में भी धूप की अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें होंठों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे वे ड्राई और सेंसिटिव हो जाते हैं।
सिगरेट और तम्बाकू
कुछ लोग ठंड में सिगरेट ज्यादा पीते हैं। स्मोकिंग से होंठों की बाहरी स्किन ड्राई होती है, ब्लड सर्कुलेशन कम होता है और कलर भी डार्क पड़ने लगता है। तम्बाकू का सेवन भी होठाें को ड्राई करता है।
कम ह्यूमिडिटी
सर्दियों में हवा में नमी कम हो जाती है, इसलिए वातावरण पहले ही काफी ड्राई होता है। घर में हीटर, ब्लोअर चलाने से हवा और भी ज्यादा ड्राई हो जाती है। इसका असर होंठों पर भी पड़ता है।
हार्श केमिकल्स का यूज
हार्श केमिकल्स से बने लिपस्टिक, टूथपेस्ट या स्किन प्रोडक्ट्स भी होंठों को जलन और ड्राईनेस दे सकते हैं।
होंठ चाटने की आदत
कुछ लोगों को फटे होंठों पर बार-बार जीभ लगाने की आदत होती है। यह एक अस्थायी राहत देता है, लेकिन जब लार सूखती है तो वह होंठों की बची हुई नमी को भी सोख लेती है, जिससे होंठ और भी ज्यादा रूखे और फटे हो जाते हैं।
सवाल- किन संकेतों से पता चलता है कि होंठ अनहेल्दी हैं?
जवाब- होंठों के फटने से पहले या उस दौरान कुछ ऐसे संकेत होते हैं, जो बताते हैं कि उन्हें खास देखभाल की जरूरत है। जैसेकि-
- लिप बाम लगाने के कुछ ही देर बाद फिर से होंठों में ड्राईनेस महसूस होना।
- होंठों पर सफेद या सूखी स्किन की पपड़ी बनना और उनका उतरना।
- होंठों में खुरदुरापन महसूस होना।
- होंठों के बीच में या किनारों पर क्रैक्स होना, जिनमें कभी-कभी खून भी आ सकता है।
- फटने के कारण होंठों में सूजन आ जाना या उनके आसपास की स्किन का लाल होना।
- कुछ खाने या लगाने पर होंठों में दर्द या जलन महसूस होना।
सवाल- सर्दियों में होंठों को फटने से कैसे बचाएं?
जवाब- होठों को हेल्दी रखने के लिए रेगुलर केयर की जरूरत होती है। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- होंठ न फटें, इसके लिए खानपान में क्या बदलाव करने चाहिए?
जवाब- होंठ केवल बाहरी मॉइश्चर से हेल्दी नहीं रहते हैं। खानपान का भी इसमें बड़ा रोल होता है। इसलिए खानपान में कुछ बदलाव करने जरूरी हैं। जैसेकि-
- दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं। इसमें हर्बल टी, छाछ या नींबू पानी भी शामिल कर सकते हैं।
- डाइट में दूध, दही, अंडे, साबुत अनाज, दालें, बीन्स और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड रिच फूड्स जैसे साल्मन मछली, अखरोट, फ्लैक्स सीड्स खाएं।
- आयरन के लिए पालक, गुड़ और रेड मीट और जिंक के लिए पंपकिन सीड्स, दालें और नट्स का सेवन करें।
- विटामिन C और E से भरपूर फल (जैसे संतरा, कीवी, स्ट्रॉबेरी) और सब्जियां (जैसे शिमला मिर्च) खाएं।
- बहुत तली-भुनी और मसालेदार चीजें न खाएं।

सवाल- सर्दियों में होंठ और स्किन को फटने से बचाने के लिए क्या स्किन केयर रूटीन फॉलो करना चाहिए?
जवाब- सर्दियों में स्किन और होंठ दोनों ही ड्राईनेस से प्रभावित होते हैं। ऐसे में एक हल्का, लेकिन कंसिस्टेंट रूटीन स्किन को सुरक्षित रखता है। जैसेकि-
- नहाने के बाद और रात को सोने से पहले एक नेचुरल लिप बाम जरूर लगाएं।
- बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें क्योंकि यह स्किन की नेचुरल मॉइश्चर को छीन लेता है।
- नहाने के कुछ देर बाद चेहरे और पूरे शरीर पर एक गाढ़ा मॉइश्चराइजर लगाएं।
- हाथों और पैरों पर भी गाढ़ी क्रीम या पेट्रोलियम जेली लगाएं।
- सप्ताह में एक या दो बार चीनी और शहद/नारियल तेल के मिश्रण से होंठों को धीरे से स्क्रब करें। यह डेड स्किन को हटाने में मदद करता है, जिससे लिप बाम बेहतर तरीके से अब्जॉर्ब होता है।
सवाल- क्या लिपस्टिक या लिप बाम होठों के लिए सुरक्षित हैं?
जवाब- ये प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर है। होठों के लिए ऐसे बाम चुनें, जिनमें नेचुरल मॉइश्चराइजर जैसे पेट्रोलियम जेली, शिया बटर, कोकोआ बटर, सेरामाइड्स या मोम हों।
कुछ सुगंधित या रंगीन बाम जिनमें फिनोल, मेन्थॉल या सैलिसिलिक एसिड होता है, वे शुरू में राहत दे सकते हैं, लेकिन बाद में होंठों को और ड्राई कर सकते हैं, इनसे बचना चाहिए। अगर किसी लिपस्टिक या बाम से जलन, खुजली या ड्राईनेस महसूस हो तो उसे यूज करना तुरंत बंद करें।
बहुत मैट या लंबे समय तक टिकने वाली लिपस्टिक होंठों को ड्राई कर सकती हैं। सर्दियों में इनका कम इस्तेमाल करें। लिपस्टिक लगाने से पहले हमेशा होंठों पर एक पतली परत मॉइश्चराइजिंग लिप बाम की लगाएं। इससे होंठों और लिपस्टिक के बीच एक प्रोटेक्टिव लेयर बन जाती है, जो ड्राईनेस को कम करती है।
…………………..
जरूरत की ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- ठंड से बढ़ती 10 बीमारियों की रिस्क: सर्दियों में सेहत का रखें ख्याल, डॉक्टर से जानें बचाव की 15 जरूरी टिप्स

सर्दियों में तापमान कम होने से लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है। साथ ही हवा में नमी कम होने से वायरस लंबे समय तक एक्टिव रहते हैं। यही कारण है कि सर्दियों में बीमारियों का रिस्क ज्यादा होता है। पूरी खबर पढ़िए…








