जेल से छूटे आजम: नहीं गया कोई बड़ा नेता, चर्चाओं में आई ये राजनीतिक दूरी; लगने शुरू हुए राजनीतिक कयास
होम

जेल से छूटे आजम: नहीं गया कोई बड़ा नेता, चर्चाओं में आई ये राजनीतिक दूरी; लगने शुरू हुए राजनीतिक कयास

Spread the love


सपा नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां मंगलवार को जेल से रिहा हुए, पर उनके स्वागत के लिए कोई बड़ा समाजवादी नेता नहीं पहुंचा। उनके समर्थन में बयान और पोस्ट जरूर आईं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि ऐसा सपा ने किसी रणनीति के चलते किया या फिर कोई दीगर मजबूरी थी। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का जिक्र आने पर आजम खां की चुप्पी भी कई सवाल छोड़ गई।

जेल से बाहर आने पर आजम खां ने मीडिया के उन सभी सवालों और कयासों का जवाब दिया, जिन्हें देना उन्होंने जरूरी समझा। मीडिया कर्मियों ने उन्हें जब बड़ा नेता कहा तो अपने अंदाज में ही आजम बोले कि बड़ा नेता होता तो जेल से छूटने पर कोई बड़ा नेता मिलने न आया होता।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को ही कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर आजम खां के खिलाफ लगे सभी केस वापस होंगे। यह बात जब आजम को बताई गई तो वे सिर्फ मुस्कुराकर रह गए। आजम खां ने स्पष्ट रूप से तो कुछ नहीं कहा, पर उनके लहजे से यह जरूर लग गया कि पार्टी संगठन के लिहाज से स्थितियां कोई सहज नहीं हैं।

सपा के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि भाजपा यह चाहती है कि सपा आजम खां के मुद्दे पर अधिक से अधिक एक्शन में दिखे। इससे भाजपा को धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण का अवसर मिलेगा। वहीं, सपा यही नहीं चाहती। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव धार्मिक ध्रुवीकरण को रोकने के लिए ही इटावा में भव्य मंदिर बनवा रहे हैं। इसे राममनोहर लोहिया के ”हिंदू बनाम हिंदू” दर्शन पर आधारित उदार हिंदुत्व की ओर सपा का बढ़ता कदम भी माना जा रहा है।

यही वजह रही कि सपा के बड़े नेताओं ने मंगलवार को आजम खां के स्वागत कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी। वहीं, 2022 में जब आजम खां जेल से छूटे थे, तब पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव उनके स्वागत के लिए जेल के बाहर पहुंचे थे। इस बार मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा और कुछ स्थानीय नेता ही उनके स्वागत के लिए पहुंचे। सपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने आजम की रिहाई की खुशी में एक-दूसरे को लड्डू जरूर खिलाए।

सपा के एक रणनीतिकार नाम न छापने के अनुरोध के साथ कहते हैं कि आजम खां के मूड का कुछ पता नहीं होता। कब, किसे और क्या बोल दें। इसलिए उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए और सहमति लिए कोई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने जाना उचित नहीं समझता। सपा के वरिष्ठ नेता शीघ्र ही उनसे मिलने रामपुर जाएंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *