दिल्ली पुतिन से मिलने की अफवाह ने मचाई खलबली:  यूक्रेन में फंसे युवकों के परिवारों से ली जानकारी; रघुवीर बोला-मैं तो घर बैठा – Fatehabad (Haryana) News
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दिल्ली पुतिन से मिलने की अफवाह ने मचाई खलबली: यूक्रेन में फंसे युवकों के परिवारों से ली जानकारी; रघुवीर बोला-मैं तो घर बैठा – Fatehabad (Haryana) News

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गांव कुम्हारिया के रघुवीर जांगड़ा।

यूक्रेन युद्ध में फंसे फतेहाबाद जिले के गांव कुम्हारिया के युवक के बड़े भाई के दिल्ली जाने की अफवाह ने खलबली मचा दी है। गांव कुम्हारिया के रघुवीर जांगड़ा के चार-पांच लोगों को साथ लेकर रुस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मिलने की आस में दिल्ली जाने की

.

रघुवीर के इस प्रयास की सूचना मिलते ही बाकी परिवारों के सदस्य और उनके आंदोलन का नेतृत्व करने वालों ने ऐसे किसी भी प्रयास से इनकार कर दिया। साथ ही उससे किनारा कर लिया।

हालांकि, रघुवीर जांगड़ा ने दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में बताया है कि वह घर पर ही है। जब बाकी परिवार दिल्ली नहीं जा रहे तो उसके अकेले जाने से क्या होना था। उसने बताया कि वह दिल्ली नहीं गया है। वैसे ही अफवाह फैला दी गई है। मैंने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया।

बता दें कि, गांव कुम्हारिया के दो युवक अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया स्टडी वीजा पर रूस गए थे। वहां उन्हें सिक्योरिटी गार्ड व ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर जबरन रशियन आर्मी में भर्ती करवा दिया गया। वहां से उन्हें यूक्रेन में युद्ध के लिए धकेल दिया गया। 11 सितंबर के बाद से दोनों का परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

ग्रुप के सदस्यों के पास 61 लोगों की लिस्ट

दरअसल, यूक्रेन में फंसे युवकों के परिवारों की मदद के लिए रोहतक जिले के महम क्षेत्र के निवासी जयभगवान डांगी ने प्रयास शुरू किए थे। उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर इन परिवारों को जोड़ा। यूक्रेन में फंसे युवकों में हरियाणा, पंजाब, जम्मू, गुजरात, यूपी, राजस्थान के युवक शामिल हैं। डांगी व उनके ग्रुप के पास ऐसे 61 युवकों की लिस्ट है, जो उन्होंने विदेश मंत्रालय को भी सौंपी हैं।

रघुवीर नहीं उठा रहा फोन

जब से दिल्ली जाकर पुतिन से मिलने की बात की अफवाह उड़ी है, तब से आंदोलन कर रहे ग्रुप सदस्यों में इस बात का डर बना हुआ है कि इससे कहीं उनके आंदोलन को नुकसान न हो जाए। अब रघुवीर किसी की कॉल भी रिसीव नहीं कर रहा है। दूसरे युवकों के परिवार के सदस्यों ने भी उसे कॉल की, लेकिन किसी की भी कॉल उसने रिसीव नहीं की है।

इन परिवारों को एकजुट करने वाले जयभगवान डांगी ने बताया कि उनके पास पार्लियामेंट थाने से फोन आया था। उन्होंने कहा कि रघुवीर जांगड़ा ने बातचीत में कहा था कि हम प्रयास कर रहे है। मगर हमने पुलिस को बता दिया है कि रघुवीर से हमारा इस बारे में कोई संपर्क नहीं हुआ है।

अगर कोई ऐसा कर रहा है तो वह उसका व्यक्तिगत प्रयास हो सकता है। मगर ऐसे प्रयासों से फायदा नहीं नुकसान हो सकता है।

अब तक कई जगह सौंप चुके ज्ञापन

यूक्रेन में फंसे युवकों के परिवारों की ओर से जयभगवान डांगी के नेतृत्व में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। डांगी ने बताया कि इन प्रयासों के बाद कुछ युवकों की वापसी भी हुई है। 13 युवक मॉस्को में थे, वे वापसी कर रहे हैं। इससे पहले 14 लोग आ चुके हैं।



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