- Hindi News
- National
- Delhi Red Fort Blast LIVE Update; Al Falah University ED | Terrorist Doctor Umar Shaheen
फरीदाबाद/नई दिल्ली1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद और ब्लास्ट में मारा जा चुका आतंकी डॉ. उमर नबी टेरर मॉड्यूल की अहम कड़ी थे।
दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. आदिल अहमद राथर और मौलवी इरफान को NIA ने हिरासत में ले लिया है। इससे पहले, जांच टीम ने फरीदाबाद के धौज गांव में रह रहे एक टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा चक्की और कुछ इलेक्ट्रॉनिक मशीनें बरामद कीं।
इसमें मेटल पिघलाने की मशीन भी है। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इसी आटा चक्की में डॉ. मुजम्मिल यूरिया पीसकर पहले बारीक करता था, फिर मशीन से उसे रिफाइन करता था। इसके बाद केमिकल मिलाकर विस्फोटक बनाता था। केमिकल अलफलाह की लैब से चुराया था।
मुजम्मिल की निशानदेही पर ही ड्राइवर को दबोचा गया है। ड्राइवर ने जांच टीम को बताया कि मुजम्मिल चक्की उसके घर रख आया था। तब उसने इसे बहन का दहेज बताया था। थोड़े दिन बाद वह चक्की धौज ले गया। मुजम्मिल जिस कमरे में यूरिया पीसता था, वहीं से 9 नवंबर को पुलिस ने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक जब्त किए थे।
उसने धौज से 4 किमी दूर फतेहपुरतगा में एक और कमरा ले रखा था। वह इस कमरे से यूरिया की बोरियां रखता और धौज ले जाता था।। 10 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दूसरे कमरे से 2558 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद किया था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फतेहपुरतगा के कमरे से 2558 किलो यूरिया की कई बोरियां जब्त की थीं।
ड्राइवर की मुजम्मिल से अस्पताल में पहचान हुई थी
सूत्रों के अनुसार, टैक्सी ड्राइवर ने NIA को बताया कि वह 20 साल से धौज स्थित गांव में अपनी बहन के यहां रहता है। वह सैनिक कॉलोनी स्थित एक स्कूल के लिए कैब चलाता है। करीब चार साल उसके छोटे बेटे पर गर्म दूध गिर गया था। इससे वह झुलस गया और उसे गंभीर हालत में अल फलाह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉ. मुजम्मिल ने उसके बेटे का इलाज किया था। दोनों की जान-पहचान हुई और दोनों में मुलाकात होने लगी।

डॉ. मुजम्मिल भर्ती तो डॉ. शाहीन ब्रेनवॉश करती थी
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने भास्कर को बताया कि डॉक्टरों के वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल के हर सदस्य का काम बंटा हुआ था। अल फलाह से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद और ब्लास्ट में मारा जा चुका आतंकी डॉ. उमर नबी इस मॉड्यूल की अहम कड़ी थे।
मुजम्मिल आतंक के नेटवर्क में मुस्लिमों को भर्ती करता था। शाहीन आर्थिक मदद कर ब्रेनवॉश करती थी तो डॉ. उमर उनके इस्तेमाल की साजिश रचता था। मुजम्मिल यह काम अस्पताल आए मरीजों और कर्मचारियों के घर मदद के बहाने जाकर करता था।
उसका पहला शिकार धौज गांव में उमर को कमरा किराए पर देने वाली अफसाना का जीजा शोएब था। परिवार में किसी के बीमार पड़ने पर शोएब उसे ही फोन लगाता था। धौज से ही गिरफ्तार साबिर से भी मुजम्मिल ने दोस्ती बढ़ाई। इसकी दुकान से कश्मीरी छात्रों के लिए सिम खरीदीं।
धौज का बाशिद डॉ. उमर की लाल ईको स्पोर्ट्स कार अपनी बहन के घर छिपा आया था। बाशिद की भी मुजम्मिल से मुलाकात अस्पताल में पिता के इलाज के दौरान हुई थी। डॉ. शाहीन ने उमर के कहने पर बाशिद की नौकरी लगवाई। तब से बाशिद मॉड्यूल का सदस्य था।
लेडी आतंकियों की टीम बनाना चाहती थी मैडम सर्जन
इस मॉड्यूल में मैडम सर्जन के नाम से पुकारी जाने वाली डॉ. शाहीन लेडी आतंकियों की टीम बनाना चाहती थी। उसने कुछ लड़कियों की लिस्ट बनाई थी। इसका जिक्र उसकी डायरी में है।
इसके अलावा, किसको कितने पैसे की मदद करनी है, इसका फैसला भी डॉ. शाहीन और उमर नबी मिलकर ही करते थे। शाहीन लड़कियों की टीम बनाने में कामयाब नहीं हुई और उसने टीम बनाने की जिम्मेदारी डॉ. मुजम्मिल को सौंप दी।
मैप से समझिए धमाके की लोकेशन

——————————-
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
अल फलाह यूनिवर्सिटी के 10 लोग लापता:दिल्ली ब्लास्ट सेल से जुड़े होने का शक; आतंकी उमर सुसाइड बॉम्बर तैयार कर रहा था

दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 लोग लापता हैं। एजेंसी को शक है कि ये सभी ब्लास्ट में शामिल हो सकते हैं, जो ग्राउंड वर्कर का काम कर रहे थे।जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि लाल किले के सामने विस्फोटक से भरी कार उड़ाने वाला आतंकी डॉ. उमर नबी अपने जैसे कई और सुसाइडल बॉम्बर तैयार करने की साजिश रच रहा था। पूरी खबर पढ़ें…








