देश में महिलाओं का औसत वेतन पुरुषों से 25% कम:  12 साल में नौकरीपेशा का वेतन 90% बढ़ा, पर महंगाई जोड़ें तो ये नीचे
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देश में महिलाओं का औसत वेतन पुरुषों से 25% कम: 12 साल में नौकरीपेशा का वेतन 90% बढ़ा, पर महंगाई जोड़ें तो ये नीचे

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नई दिल्ली3 घंटे पहले

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2012 से 2024 के बीच वेतनभोगी कर्मचारियों पर विश्लेषण। - Dainik Bhaskar

2012 से 2024 के बीच वेतनभोगी कर्मचारियों पर विश्लेषण।

देश में औसत महिला वेतनभोगी कर्मी की आय, औसत पुरुष वेतनभोगी कर्मचारी से लगभग 25% कम है। भारत में भी वेतनभोगियों का हिस्सा बढ़ रहा है, पर अब भी ये 23% ही है।

देश में नौकरीपेशा की औसत मासिक आय अन्य काम करने वालों के मुकाबले ज्यादा है।

2024 में एक औसत वेतनभोगी कर्मचारी की मासिक आय करीब ₹21 हजार रही, जबकि स्वरोजगार वाले की ₹13,200 और अस्थायी या दिहाड़ी श्रमिकों की ₹9 हजार थी।

यूं तो 2012 से 2024 के बीच नौकरीपेशा का औसत वेतन 90% बढ़ा, लेकिन महंगाई के साथ जोड़ें तो वेतन 4% घटा है।

देश: भारत में 23% लोग जॉब में, चीन में 54%

देश वेतनभोगी
अमेरिका 94%
जर्मनी 91%
जापान 89%
ब्रिटेन 87%
अफ्रीका 83%
श्रीलंका 58%
चीन 54%
दुनिया 52%
बांग्लादेश 46%
भारत 23%
  • भारत में वेतनभोगियों की हिस्सेदारी दुनिया के औसत से लगभग आधी है।
  • बांग्लादेश जैसे निम्न-मध्यम आय वाले देशों से लेकर चीन जैसे उच्च-मध्यम आय वाले देशों में वेतनभोगी कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़ रही है।

सोर्स: डेटा फाॅर इंडिया, वर्ल्ड डेवलपमेंट इंडीकेटर्स (वर्ल्ड बैंक), पीएलएफएस सर्वे 2023-24 (एनएसओ), रोजगार-बेरोजगार सर्वे (2011-12)

राज्य: पंजाब में सर्वाधिक वेतनभोगी, बिहार पिछड़ा

राज्य वेतनभोगी
पंजाब 56%
गुजरात 31%
महाराष्ट्र 31%
हरियाणा 26%
राजस्थान 19%
झारखंड 16%
छत्तीसगढ़ 14%
मध्यप्रदेश 13%
बिहार 9%
  • देश में 23% लोग वेतनभोगी हैं।
  • पंजाब में वेतनभोगी कर्मियों का हिस्सा देश के औसत से दोगुने से भी ज्यादा है।
  • दक्षिणी राज्यों में तमिलनाडु (34%) सबसे बेहतर। फिर कर्नाटक (26%), केरल (26%), तेलंगाना (25%) और आंध्र प्रदेश (22%) का नंबर आता है।

सोर्स: डेटा फाॅर इंडिया, वर्ल्ड डेवलपमेंट इंडीकेटर्स (वर्ल्ड बैंक), पीएलएफएस सर्वे 2023-24 (एनएसओ), रोजगार-बेरोजगार सर्वे (2011-12)

शिक्षा: नौकरी में ज्यादा पढ़े-लिखे लोग अधिक

शिक्षा नौकरी स्वरोजगार अन्य
उच्च शिक्षित 57% 28% 15%
12वीं तक 28% 40% 32%
5वीं तक 15% 41% 44%
अशिक्षित 6% 41% 53%
  • उच्च शिक्षित लोगों में 57% नौकरीपेशा हैं, जबकि अशिक्षितों में महज 6% हैं।
  • बिना पढ़े-लिखे में 25% ऐसे हैं, जिन्हें काम करने का कोई पैसा नहीं मिलता है।
  • 12वीं तक पढ़े लोगों में स्वरोजगार करने वाले सर्वाधिक हैं। इसमें दुकानदार, फ्रीलांसर और किसान आदि शामिल हैं।

स्रोत: डेटा फाॅर इंडिया, वर्ल्ड डेवलपमेंट इंडीकेटर्स (वर्ल्ड बैंक), पीएलएफएस सर्वे 2023-24 (एनएसओ), रोजगार-बेरोजगार सर्वे (2011-12)।

पेशा: वेतन वालों में दुकान की नौकरी वाले ज्यादा

वेतनभागी कर्मियों के शीर्ष-10 पेशे…

पेशा/व्यवसाय हिस्सेदारी
दुकान असिस्टेंट 7.1%
घरेलू नौकर 6.0%
मैन्युफैक्चरिंग वर्कर 5.1%
प्राथमिक शिक्षक 4.5%
प्रोडक्शन सर्विस वर्कर 4.3%
गार्ड/सिक्योरिटी 3.5%
सॉफ्टवेयर डेवलपर 3.3%
क्लर्क 3.2%
ट्रक/वैन ड्राइवर 3.0%
कुक 2.9%

सोर्स: डेटा फाॅर इंडिया, वर्ल्ड डेवलपमेंट इंडीकेटर्स (वर्ल्ड बैंक), पीएलएफएस सर्वे 2023-24 (एनएसओ), रोजगार-बेरोजगार सर्वे (2011-12)

सुरक्षा: 57% लोग पेंशन या पीएफ भी नहीं पा रहे

नौकरीपेशा में कितनी सामाजिक सुरक्षा

ग्रेच्युटी- 85% लोग वंचित, 15% को लाभ

हेल्थकेयर- 72% लोग वंचित, 28% को लाभ

  • पेंशन/पीएफ – 57% लोग वंचित, 43% को लाभ
  • वेतनभोगी कर्मचारियों में से आधे से अधिक (57%) के पास अपनी कंपनी से कोई लिखित रोजगार अनुबंध नहीं है।
  • कुल श्रमिकों में से केवल 6-7% ही स्थायी नियमित वेतनभोगी रोजगार में हैं।
  • स्वास्थ्य सेवा, पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी जैसे लाभ बहुत कम कर्मचारियों को हैं।

सोर्स: डेटा फॉर इंडिया, वर्ल्ड डेवलपमेंट इंडीकेटर्स (वर्ल्ड बैंक), पीएलएफएस सर्वे 2023-24 (एनएसओ), रोजगार-बेरोजगार सर्वे (2011-12)

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