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- TATA Trusts Board Members Update; Noel Tata Son | Neville Tata Bhaskar Bhat
नई दिल्ली5 दिन पहले
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नेविल टाटा नोएल टाटा के सबसे छोटे बेटे हैं। वे टाटा ग्रुप के पब्लिक इवेंट्स में कम दिखाई देते हैं।
टाटा ट्रस्ट्स ने चेयरमैन नोएल टाटा के बेटे नेविल टाटा (33 साल) को अपने फ्लैगशिप सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) के बोर्ड में शामिल किया है। ये नियुक्ति 12 नवंबर से प्रभावी हो गई और 3 साल के लिए है। बोर्ड ने नेविल की इस नियुक्ति को एकमत से मंजूरी दी है।
साथ ही टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन इमेरिटस वेणु श्रीनिवासन को सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) का ट्रस्टी और वाइस चेयरमैन फिर से बनाया गया है। वहीं टाटा ग्रुप के अनुभवी व्यक्ति भास्कर भट को भी बोर्ड में जगह मिली है। इन दोनों की नियुक्ति भी 3 साल के लिए है और 12 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गई है। अब SDTT बोर्ड में 7 ट्रस्टी हो गए हैं।
नोएल टाटा के सबसे छोटे बेटे हैं नेविल
नेविल टाटा नोएल टाटा के सबसे छोटे बेटे हैं। वो पहले से छोटे टाटा ट्रस्ट्स जैसे JRD टाटा ट्रस्ट, RD टाटा ट्रस्ट, टाटा सोशल वेलफेयर ट्रस्ट और टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल हैं। टाटा ट्रस्ट्स ने स्टेटमेंट में कहा कि SDTT बोर्ड ने नेविल की नियुक्ति को एकमत से अप्रूव किया।
भास्कर भट भी टाइटन में नोएल के साथ काम कर चुके हैं, उन्हें भी 3 साल के लिए शामिल किया गया। नोएल टाटा ही SDTT के परमानेंट ट्रस्टी हैं।

पब्लिक इवेंट्स में कम दिखते हैं नेविल
नेविल मीडिया से दूर रहते हैं, टाटा ग्रुप के पब्लिक इवेंट्स में कम दिखते हैं लेकिन लीडरशिप समिट में रेगुलर आते हैं। नेविल ट्रेंट (जो उनकी दादी सिमोन टाटा ने शुरू किया) से भी जुड़े हैं। लंदन के बेज बिजनेस स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की है। उनकी शादी मानसी टाटा से हुई है, जो टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की वाइस चेयरपर्सन हैं।
कपल के दो बच्चे हैं- जमशेद और टियाना टाटा। नेविल की बड़ी बहनें लिया टाटा (40) इंडियन होटल्स (ताज) में काम करती हैं और माया टाटा (37) टाटा डिजिटल का काम संभालती हैं। दोनों छोटे ट्रस्ट्स के बोर्ड में भी शामिल हैं। वहीं नोएल के सौतेले भाई जिमी टाटा 30 साल से ज्यादा सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के ट्रस्टी हैं।
सर रतन टाटा ट्रस्ट में भी शामिल हो सकते हैं नेविल
जल्द ही नेविल सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के बोर्ड में भी शामिल हो सकते हैं। मंगलवार को SRTT की मीटिंग में उनकी नियुक्ति पर डिस्कशन हुआ लेकिन अप्रूवल नहीं मिला। SRTT में जाने के बाद वो टाटा संस बोर्ड के लिए नॉमिनेट हो सकते हैं। टाटा ट्रस्ट्स 180 बिलियन डॉलर के टाटा ग्रुप को कंट्रोल करते हैं। ये बदलाव ग्रुप में नेक्स्ट जेनरेशन की एंट्री दिखाता है।
मेहली मिस्री के इस्तीफे के बाद खाली हुआ पद
रतन टाटा के करीबी रहे मेहली मिस्री ने हाल ही में टाटा ट्रस्ट्स के तीन ट्रस्टों से इस्तीफा दे दिया था। इसमें सर रतन टाटा ट्रस्ट, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और बाई हीराबाई जे.एन. टाटा नावसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन ट्रस्ट शामिल है। 4 नवंबर को एक लेटर में उन्होंने इसकी जानकारी दी।
बीते दिनों टाटा ट्रस्ट्स के प्रमुख चैरिटी आर्म्स में मिस्री के रिअपॉइंटमेंट को लेकर वोटिंग हुई थी। इसमें तीन ट्रस्ट्रीज नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने उनके री-अपॉइंटमेंट के खिलाफ वोट डाला था। मिस्त्री का कार्यकाल 28 अक्टूबर को खत्म हो रहा था।

टाटा ग्रुप में टाटा संस की 66% हिस्सेदारी
टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। यह भारत की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, 10 अलग-अलग बिजनेस में इसकी 30 कंपनियां दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में कारोबार करती हैं।
टाटा संस टाटा कंपनियों की प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर है। टाटा संस की 66% इक्विटी शेयर कैपिटल टाटा के चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं, जो एजुकेशन, हेल्थ, आर्ट एंड कल्चर और लाइवलीहुड जनरेशन के लिए काम करता है।
2023-24 में टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल रेवेन्यू 13.86 लाख करोड़ रुपए था। यह 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह से शाम तक हमारी जिंदगी में शामिल है। कंपनी चाय पत्ती से लेकर घड़ी, कार और एंटरटेनमेंट सर्विसेज देती है।








