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- Column By Pandit Vijayshankar Mehta Answers To Many Questions Are Found In Hanuman Chalisa
3 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
अयोध्या में दो बार जमकर रोशनी हुई थी- श्रीराम जन्म पर, और वनवास के बाद उनके आगमन पर। सूर्यवंश ने श्रीराम के रूप में सूर्य के प्रकाश को भी धीमा करने वाले दीपक को जलाया था। और इस दीपक का प्रकाश रामलीला के प्रत्येक दृश्य में फैलाया हनुमान जी ने।
आज तकनीक की दुनिया में हम मनुष्यों का जीवन बदल रहा है। तुलसीदास जी ने हनुमान जी के लिए जो हनुमान चालीसा लिखी है, उसकी विशेषता यह है कि उसमें हमारे जीवन के कई प्रश्नों का उत्तर मिल जाता है। इस बार रायपुर में रामनवमी की संध्या पर हनुमान चालीसा का महापाठ होगा, जिसका सीधा प्रसारण संस्कार टीवी पर संध्या 7 बजे से होगा।
महापाठ का उद्देश्य यह है कि हम हनुमान चालीसा के माध्यम से जान सकें कि एक आदि मानव था, एक वर्तमान मानव है और एक आगामी मानव होगा। इन तीनों की बड़ी सुंदर व्याख्या इस कार्यक्रम में हम करेंगे। समय रहते परिवार को हनुमान चालीसा से जोड़ा जाए, क्योंकि उसकी पंक्तियां और उनके बीच में जो अर्थ समाया है, वो किसी धर्म से बंधा नहीं है। वो मनुष्य के जीवन की घोषणा है।