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5 घंटे पहले
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एक संत और उनका शिष्य अलग-अलग गांवों में यात्रा करते रहते थे। संत बहुत विद्वान और दयालु थे और उनके उपदेश सुनने के लिए दूर-दूर से लोग आते थे। उनके प्रवचन लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते थे।
एक दिन, वे एक छोटे से गांव में पहुंचे। वहां संत अपने ज्ञान और उपदेशों के कारण बहुत प्रसिद्ध हो गए। उनके दर्शन करने के लिए काफी लोग आने लगे। ये देखकर गांव का एक अन्य पुजारी असुरक्षित महसूस करने लगा। उसे डर था कि संत की वजह से उसके भक्त कम हो जाएंगे।
पुजारी ने अपनी असुरक्षा और ईर्ष्या के कारण संत का दुष्प्रचार शुरू कर दिया। वह गांव वालों से संत की बुराई करने लगा। धीरे-धीरे कुछ लोग संत के प्रति नकारात्मक हो गए और उनकी बातों को फैलाने लगे।
संत के शिष्य ने यह सब सुना और बहुत गुस्सा हुआ। उसने तुरंत गुरु के पास जाकर सारी बातें बताईं और कहा कि गुरुजी, लोग हमारे खिलाफ हैं। हमें क्या करना चाहिए?
संत ने शांति से शिष्य की बात सुनी और कहा कि बेटा, हमें दूसरों की नकारात्मक बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। हमें सिर्फ अपने काम पर ध्यान देना चाहिए और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
शिष्य को संत की बात समझ में नहीं आई और उसने फिर भी अपने गुस्से को व्यक्त किया। तब संत ने उसे समझाने के लिए एक उदाहरण दिया कि जब हाथी गांव में आता है, तो सारे कुत्ते भौंकने लगते हैं, पर क्या हाथी पर इसका कोई असर होता है? वह अपनी मस्त चाल से चलता रहता है। हमें भी वैसे ही अपने रास्ते पर चलते रहना चाहिए। बुराई करने वाले लोग हमेशा रहेंगे, लेकिन अगर हम अपने काम में सच्चे और ईमानदार रहेंगे, तो हमारा सम्मान बढ़ेगा और बुराई करने वाले लोगों के शब्द खुद ही निष्फल हो जाएंगे।
संत की बात सुनकर शिष्य का मन शांत हो गया। उसने समझ लिया कि जीवन में सफलता और शांति के लिए दूसरों की नकारात्मकता पर ध्यान नहीं देना चाहिए और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना ही सबसे बड़ा मंत्र है, ऐसा करने पर ही जीवन में शांति आ सकती है।
प्रसंग की सीख
- नकारात्मकता पर ध्यान न दें
जीवन में हमेशा कुछ लोग आपके विरोध में होंगे। उनकी आलोचना या बुराई पर ध्यान देने से आपका समय और ऊर्जा खराब होती है। हमें सकारात्मक कामों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
- अपने लक्ष्य पर फोकस करें
जैसे हाथी अपनी चाल से चलता है, हमें भी अपने लक्ष्य और कार्य पर ध्यान देना चाहिए। जब हम लगातार मेहनत करते हैं और अपने काम में निपुण होते हैं, तो नकारात्मक लोग अपने आप अप्रभावी हो जाते हैं।
- ईमानदारी और मेहनत सबसे बड़ा हथियार है
दूसरों की नकारात्मक बातें हमें विचलित कर सकती हैं, लेकिन ईमानदारी और मेहनत के साथ किया गया कार्य हमेशा सम्मान और सफलता दिलाता है।
- सकारात्मक लोगों के साथ रहें
जो लोग आपके विकास और प्रगति में विश्वास रखते हैं, उनके साथ समय बिताएं। ऐसा करने से मानसिक शक्ति बढ़ाती है और आत्मविश्वास बना रहता है।
- भावनाओं को नियंत्रित करना सीखें
गुस्सा और असुरक्षा की भावना अक्सर गलत निर्णय लेने पर मजबूर करते हैं। अपने भावनाओं को समझें और उन्हें नियंत्रित करना सीखें।
- धैर्य और संयम बनाए रखें
बुराई करने वाले लोग समय-समय पर प्रकट होते हैं। उनके प्रभाव में आए बिना धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़ते रहें, तभी सफलता के साथ शांति भी मिलती है।
- अपने काम से दूसरों को प्रभावित करें
अपने अच्छे कर्म और प्रयास ही दूसरों की बुराई को बेअसर कर सकते हैं। परिणाम हमेशा आपके पक्ष में होंगे अगर आप लगातार मेहनत करते रहें।








