अरे दादा… अब हम का करिबे… भगवान हमका जीते जी मार डारिन। एहसे अच्छा राहे कि यही आग मा हमहूं मर जातिन। कर्ज लइकर हम बेटन की शादी की तैयारी कर रहि राहन। हमार परिवार सड़क पर आ गवा है। सब्जी बेचकर मेहनत की कमाई से परिवार चलाइत राहेन लेकिन एक झटका मा सब खत्म हुईगा। यह शब्द थे बिलखते हुए 75 वर्षीय रामदुलारी के जिन्होंने अपनी उम्र के 40 साल फूलबाग सब्जी मंडी में गुजार दिए।
उनका कहना था कि उनके बेटे वेद कुमार और शिवकुमार की शादी की तैयारी चल रही थी। इसके लिए उन्होंने जिंदगी भर की कमाई और कर्ज लेकर कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपये निकाला था। आग के तांडव में 500 के नोट की गड्डियां और बहू सोनी के तकरीबन चार लाख के गहने खाक हो गए। पीड़ित दुकानदार नकछेद ने बताया कि 20 अप्रैल को उनकी बेटी लक्ष्मी की शादी है। आग ने पूरी दुकान, गृहस्थी, नकदी, जलकर राख हो गए।








