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- RBI New Rules: Banks Told To Stop Selling Insurance, Focus On Core Business
नई दिल्ली11 मिनट पहले
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बैंकों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने बैंकों द्वारा इंश्योरेंस जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की गलत तरीके से बिक्री (मिसेल-सेलिंग) पर नाराजगी जताई और उन्हें अपने मुख्य कामकाज पर ध्यान देने की सलाह दी। वित्त मंत्रालय ने भी बैंकों और बीमा कंपनियों को कहा है कि वे ग्राहकों को गलत पॉलिसी न बेचें।
बैकों का ज्यादा ध्यान इंश्योरेंस पॉलिसी पर RBI के सेंट्रल बोर्ड को संबोधित करने के बाद सीतारमण ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बैंकों को अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस करना चाहिए… मेरी हमेशा से यह शिकायत रही है कि आप उन इंश्योरेंस पॉलिसी को बेचने में ज्यादा समय बिता रहे हैं जिनकी जरूरत ही नहीं है। और मजे की बात यह है कि यह मामला (RBI और IRDAI के बीच) अधर में लटका रहा।
मिसेल-सेलिंग को लेकर ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी हुई थी इससे पहले 11 फरवरी को, RBI ने मिसेल-सेलिंग को लेकर ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की थीं। इसमें कहा गया है कि अगर बैंक गलत तरीके से कोई प्रोडक्ट या सर्विस बेचते हैं, तो उन्हें ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी रकम वापस करनी होगी। साथ ही, बैंक की पॉलिसी के हिसाब से ग्राहक को हुए नुकसान का मुआवजा भी देना होगा। इस पर आम जनता 4 मार्च तक अपनी राय दे सकती है।
क्या होती है मिस-सेलिंग?
- कई बार जब कोई ग्राहक बैंक में FD कराने या लोन लेने जाता है, तो बैंक कर्मचारी उसे लाइफ इंश्योरेंस या हेल्थ इंश्योरेंस लेने के लिए मजबूर करते हैं।
- कई बार ग्राहकों को बताया जाता है कि पॉलिसी लेना अनिवार्य है, जबकि ऐसा कोई नियम नहीं होता। इसी को ‘मिस-सेलिंग’ कहा जाता है।
- बैंक कर्मचारी अपना टारगेट पूरा करने के लिए ग्राहकों को गलत या अधूरी जानकारी देकर ये प्रोडक्ट्स बेच देते हैं।
शिकायतों में से 22% मामले गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के हाल ही में आई IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ दर्ज होने वाली कुल शिकायतों की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है।
- FY25 का डेटा: साल 2024-25 में कुल 1,20,429 शिकायतें दर्ज हुईं, जो पिछले साल (1,20,726) के लगभग बराबर हैं।
- UFBP शिकायतें: अनफेयर बिजनेस प्रैक्टिस (UFBP) यानी गलत तरीके से कारोबार करने की शिकायतें 23,335 से बढ़कर 26,667 हो गई हैं।
- हिस्सेदारी बढ़ी: कुल शिकायतों में गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के मामलों की हिस्सेदारी 19.33% से बढ़कर अब 22.14% हो गई है।









