महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में एक फीसदी की छूट के बावजूद साल दर साल आंकड़ों में गिरावट हो रही है। महिलाओं के नाम बैनामों की संख्या घट रही है। समाजशास्त्री इसे भरोसे के संकट से जोड़कर देख रहे हैं। वह पुरुष उत्पीड़न की घटनाओं और विवाह जैसे पवित्र रिश्ते में भरोसे की कमी की आशंका जता रहे हैं।
संपत्ति के स्वामित्व में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए स्टांप एवं निबंध विभाग छूट दे रहा है। बरेली में विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो कोरोना काल से पहले जो आंकड़े बढ़ रहे थे, अब उनमें गिरावट हो रही है। इस वर्ष अक्तूबर तक जिले में महिलाओं के नाम से 19,139 बैनामे हुए। वर्ष 2022 में 31,114 महिलाओं के नाम संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई थी।
वर्ष 2025 में अब तक 41,227 रजिस्ट्री से 3,48,19,63,753 रुपये का राजस्व मिला है। इसमें 22,108 पुरुषों के नाम हुई रजिस्ट्री से 3,25,70,68,834 रुपये और 19,139 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री से 22,48,94,919 रुपये राजस्व मिला। आंकड़ों बताते हैं कि महिलाओं के नाम से उच्च मूल्य की संपत्ति खरीदने से भी पुरुष पीछे हट रहे हैं।
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