भाई को रात में राखी बांधना ठीक है या नहीं? जानिए यहां
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भाई को रात में राखी बांधना ठीक है या नहीं? जानिए यहां

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Raat me Rakhi Bandhna Shubh ya Ashubh: सावन माह की पूर्णिमा को पूरे देश में रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं। अधिकतर बहनें सुबह या दोपहर के समय में ही राखी बांधती हैं, लेकिन यदि किसी कारणवश दिन में यह संभव न हो पाए, तो क्या रात में राखी बांधना उचित है? ऐसे में आइए जानते हैं इस बारे में क्या कहता है शास्त्र।

रक्षाबंधन 2025

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा और दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। हालांकि, इसके बाद भी राखी बांधना अशुभ नहीं माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, शाम के समय और सूर्यास्त के बाद भी भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकती है।

भाई को रात में राखी बांधना शुभ या अशुभ?

साल 2025 में रक्षाबंधन का पर्व आज यानी 9 अगस्त को मनाया जा रहा है और खास बात यह है कि इस दिन भद्रा का साया नहीं है। ऐसे में पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ माना जाएगा। जहां तक रात में राखी बांधने की बात है, तो शास्त्रों में इसके लिए कोई स्पष्ट मनाही नहीं की गई है। आप रात्रि में भी राखी बांध सकती हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि उस समय भद्रा काल न हो और कोई अशुभ मुहूर्त न चल रहा हो। ज्योतिष की मानें तो इस वर्ष सूर्योदय के बाद न तो भद्रा काल रहेगा और न ही कोई अशुभ समय, इसलिए रात में भी अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

रक्षाबंधन पर करें ये काम

इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग और सौभाग्य योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ-साथ पूजा-पाठ, जप-तप और दान-पुण्य करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। वहीं, इस दिन जरूरतमंदों की मदद करने, उन्हें भोजन या वस्त्र देने और पशु-पक्षियों को दाना देने से सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही, रात्रि में चंद्रमा का पूजन करने से चंद्र दोष से छुटकारा मिलता है और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

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डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।





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