उत्तर प्रदेश में सीआरपीएफ में सिपाही (जीडी) भर्ती में रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने तत्कालीन डीआईजी विनोद कुमार शर्मा, सीआरपीएफ कर्मी सत्यवीर सिंह व तीरथ पाल चतुर्वेदी को तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बताते चलें कि वर्ष 2009 में सिपाही (जीडी) भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के बदले रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। डीआईजी विनोद कुमार शर्मा पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर इसकी साजिश रचने के आरोप लगे थे। जांच में इसकी पुष्टि हुई थी। जांच में पता चला था कि पैसे लेने के बाद उम्मीदवारों को भर्ती से जुड़ी जानकारियां पहले से मुहैया कराकर भर्ती में मदद की जाती थी।
कोर्ट ने तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई
शिकायत पर सीबीआई ने 23 फरवरी 2009 को मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 23 नवंबर 2012 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। अब कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।