मुस्लिम युवक बोला- प्रेमानंद महाराज को किडनी देना चाहता हूं:  वे सनातन के साथ राष्ट्रभक्ति का काम कर रहे; संत की दोनों किडनियां फेल हैं – Itarsi News
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मुस्लिम युवक बोला- प्रेमानंद महाराज को किडनी देना चाहता हूं: वे सनातन के साथ राष्ट्रभक्ति का काम कर रहे; संत की दोनों किडनियां फेल हैं – Itarsi News

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इटारसी के आरिफ खान चिश्ती ने प्रेमानंद महाराज को किडनी डोनेट करने की इच्छा जताई है।

नर्मदापुरम के एक मुस्लिम युवक ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को किडनी डोनेट करने की पेशकश की है। इटारसी में न्यास कॉलोनी निवासी आरिफ खान चिश्ती ने कलेक्टर सोनिया मीणा के जरिए प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखा है। उनको ई-मेल और व्हाट्सएप पर मैसेज भी भ

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चिश्ती ने कहा है कि वे प्रेमानंद महाराज से प्रभावित हैं। प्रेमानंद सनातन धर्म के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति का काम कर रहे हैं।

बता दें कि प्रेमानंद महाराज किडनी की ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक बीमारी से पीड़ित हैं। उनकी दोनों किडनी फेल हो गई हैं।

आरिफ खान ने प्रेमानंद महाराज को ये पत्र लिखा है।

आरिफ खान ने प्रेमानंद महाराज को ये पत्र लिखा है।

यह व्यक्तिगत निर्णय, समाज की सोच महत्वपूर्ण नहीं पत्र में चिश्ती ने लिखा है- प्रेमानंद महाराज हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं। वे समाज में प्रेम और शांति का संदेश देते हैं। मीडिया से पता चला कि महाराज की दोनों किडनियां खराब हैं इसलिए मैं अपनी एक किडनी उनको दान करना चाहता हूं।

आरिफ का कहना है कि समाज की सोच उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।

आरिफ के परिवार में पिता और तीन भाई हैं। मां का निधन हो चुका है। आरिफ सबसे छोटे हैं। तीनों बड़े भाई कोरियर में काम करते हैं। उनकी शादी एक साल पहले हुई है। पत्नी भी उनके किडनी दान को सपोर्ट कर रही हैं।

आरिफ 12वीं तक पढ़े हैं और ऑनलाइन काम करते हैं।

आरिफ 12वीं तक पढ़े हैं और ऑनलाइन काम करते हैं।

राधारानी के भक्त, 9वीं क्लास में त्याग दिया परिवार प्रेमानंद महाराज का असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है। उनका जन्‍म 1969 में कानपुर के सरसौल ब्‍लॉक के अखरी गांव में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई गांव के ही स्‍कूल से की। पांचवीं कक्षा से उनका रुझान आध्‍यात्‍म की ओर बढ़ने लगा।9वीं क्लास में आते ही उन्होंने परिवार त्याग दिया।

प्रेमानंद महाराज राधा रानी के भक्त हैं। उनके दर्शन और धार्मिक चर्चा करने के लिए रोजाना हजारों श्रद्धालु आश्रम पहुंचते हैं।

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प्रेमानंद महाराज 40 साल से अपने गांव नहीं लौटे

गांव के बीच में शिव मंदिर, वहां पूजा करती महिलाएं। खेतों में गेहूं की कटाई चल रही है। लोग चबूतरे पर बैठे देश-दुनिया की बात कर रहे हैं। यह सीन है कानपुर के अखरी गांव का। यहां प्रेमानंद का जिक्र होते ही लोग तपाक से कहते हैं- कौन अनिरुद्ध पांडेय? वो तो यही के रहने वाले हैं। यहीं पास में उनका घर है। ये सामने के शिव मंदिर में ही तो पूजा किया करते थे। पढे़ं पूरी खबर…



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