यूपी बोर्ड परीक्षा में स्ट्रांग रूम व केंद्र व्यवस्थापक बने शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों के होली पर घर जाने पर संकट दिखा रहा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव की ओर से इसके लिए जारी कड़े निर्देश के बाद जिलों में शिक्षक रिलीव नहीं किए जा रहे हैं। इस पर राजकीय शिक्षक संघ ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी डीआईओएस को जारी आदेश में कहा गया है कि परीक्षा कार्य से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी संबंधित मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इसी प्रकार सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक व अपर शिक्षा निदेशक स्तर के अधिकारी बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। ऐसा करने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व गोपनीयता के लिए अवकाश में स्ट्रांग रूम की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दौरान आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित कराने व निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, गोपनीयता, नियुक्त कार्मिकों की उपस्थिति व सीसीटीवी नियंत्रण की जांच की जाए। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय व प्रांतीय महामंत्री अरुण यादव ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा है कि एक से आठ मार्च तक परीक्षा नहीं आयोजित की जा रही है। ऐसे में इस आदेश के बाद जिलों के शिक्षकों-शिक्षिकाओं को होली अवकाश में उनके गृह जिले जाने में बाधा पैदा किया जा रहा है। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक व स्टेटिक मजिस्ट्रेट व पुलिस की होती है। न कि शिक्षक-शिक्षिकाओं की। ऐसे में शिक्षकों को होली पर रोकना सही नहीं है। अलग-अलग प्रकार की परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षकों को 1 से 4 मार्च तक होली अवकाश दिया जाए।








