रिलायंस पावर का शेयर आज 19% चढ़ा:  ₹53 के डे-हाई पर पहुंचा, वजह- कंपनी को भूटान का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट मिला
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रिलायंस पावर का शेयर आज 19% चढ़ा: ₹53 के डे-हाई पर पहुंचा, वजह- कंपनी को भूटान का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट मिला

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मुंबई19 घंटे पहले

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रिलायंस पावर 500 मेगावाट (MW) का प्रोजेक्ट भूटान की कंपनी के साथ मिलकर 50:50 जॉइंट वेंचर में डेवलप करेगी। इसपर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। - Dainik Bhaskar

रिलायंस पावर 500 मेगावाट (MW) का प्रोजेक्ट भूटान की कंपनी के साथ मिलकर 50:50 जॉइंट वेंचर में डेवलप करेगी। इसपर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर का शेयर आज (23 मई) शुक्रवार को करीब 19% चढ़ा। कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार में 45 रुपए पर ओपन हुआ और फिर 53.10 रुपए का डे-हाई बनाया। हालांकि, अभी कंपनी का शेयर 15% से ज्यादा की तेजी के साथ 51.33 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

दरअसल, 4 दिन पहले रिलायंस पावर की भूटान का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट बनाने के लिए डील हुई थी। इस खबर के बाद से ही कंपनी के शेयर में ये तेजी देखने को मिल रही है। बीते 5 दिन में कंपनी का शेयर 11%, एक महीने में 18% और छह महीने में 48% चढ़ा है। वहीं एक साल में कंपनी का शेयर करीब 95% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 21.18 हजार करोड़ रुपए है।

भूटान का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट बनाएगी रिलायंस पावर

रिलायंस पावर 500 मेगावाट (MW) का यह प्रोजेक्ट भूटान की कंपनी के साथ मिलकर 50:50 जॉइंट वेंचर में डेवलप करेगी। इसपर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह प्रोजेक्ट भूटान के सोलर सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर का फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) होगा।

रिलायंस पावर ने भूटान की कंपनी ड्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (DHI) के स्वामित्व वाली ग्रीन डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड (GDL) के साथ टर्म शीट साइन की है। इस प्रोजेक्ट को अगले 24 महीनों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

रिलायंस पावर बिजली उत्पादन और वितरण क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है। ये अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप का हिस्सा है।

रिलायंस पावर बिजली उत्पादन और वितरण क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है। ये अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप का हिस्सा है।

ग्रीन डिजिटल को बेची जाएगी बिजली

कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘रिलायंस पावर की टोटल क्लीन एनर्जी पाइपलाइन सोलर सेगमेंट में 2.5 गीगावाट पीक (GWp) पर है, जो इसे इंटीग्रेटेड सोलर एंड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सेगमेंट में भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनाती है।’

कंपनी ने कहा कि बिजली को एक लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट के जरिए ग्रीन डिजिटल को बेचा जाएगा। रिलायंस पावर ने प्रोजेक्ट का काम शुरू करने के लिए कॉम्पिटेटिव बिडिंग प्रोसेस के जरिए कॉन्ट्रैक्टर्स की खोज शुरू कर दी है।

बीते दिनों सब्सिडियरी कंपनी को सोलर एनर्जी ऑर्डर मिला था

रिलायंस पावर की सहायक कंपनी रिलायंस एनयू एनर्जीज ने बीते दिनों SJVN की टैरिफ आधारित कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रोसेस में सबसे बड़ा अलॉकेशन जीता था। कंपनी को 350 मेगावाट सौर उत्पादन क्षमता के साथ 175 मेगावाट/700 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरज सिस्टम का आवंटन हासिल हुआ था।

सरकारी कंपनी SJVN लिमिटेड की कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रोसेस एक स्ट्रक्चर्ड और ट्रांसपैरेंट मेथड है। इसका उपयोग सोलर, विंड-सोलर हाइब्रिड या हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट जैसी रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए गुड्स, सर्विसेज की खरीद या डेवलपर्स का चयन करने के लिए किया जाता है।

भूटान में ऐतिहासिक सोलर इन्वेस्टमेंट, रिलायंस ग्रुप के अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो के विस्तार पर स्ट्रेटेजिक फोकस को दर्शाता है।

भूटान में ऐतिहासिक सोलर इन्वेस्टमेंट, रिलायंस ग्रुप के अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो के विस्तार पर स्ट्रेटेजिक फोकस को दर्शाता है।

रिलायंस पावर को चौथी तिमाही में ₹126 करोड़ का प्रॉफिट

कंपनी ने वित्त वर्ष 25 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए ₹126 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹397.56 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। खर्चों में आई कमी की वजह से कंपनी का प्रॉफिट बढ़ा है।

तिमाही के दौरान कुल आय पिछले साल की समान अवधि के 2,193.85 करोड़ रुपए की तुलना में घटकर 2,066 करोड़ रुपए रह गई। फिर भी, कुल व्यय में 2,615.15 करोड़ रुपए से 1,998.49 करोड़ रुपए की भारी कमी ने प्रॉफिट में आने में कंपनी की मदद की।

अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले ग्रुप का हिस्सा है रिलायंस पावर

रिलायंस पावर बिजली उत्पादन और वितरण क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी है। ये अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप का हिस्सा है। इसके पोर्टफोलियो में थर्मल (कोयला और गैस), रिन्यूएबल (सौर, पवन और हाइड्रो) और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) शामिल हैं।

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