रिलेशनशिप- शादी करने की सही उम्र क्या है:  रिलेशनशिप कोच से जानिए, देर से शादी करने के 5 फायदे, 5 नुकसान, आपके लिए क्या सही
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रिलेशनशिप- शादी करने की सही उम्र क्या है: रिलेशनशिप कोच से जानिए, देर से शादी करने के 5 फायदे, 5 नुकसान, आपके लिए क्या सही

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10 घंटे पहले

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आज से महज एक-दो दशक पहले तक लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 साल होते ही लोग उनकी शादी के बारे में सोचने लगते थे। अगर लड़का या लड़की इस उम्र तक शादी नहीं करते थे तो उन्हें सामाजिक दबाव झेलना पड़ता था। सिर्फ घरवाले ही नहीं, दोस्त और रिश्तेदार भी इसके लिए दबाव डालना शुरू कर देते थे।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में शादी की औसत उम्र में कुछ बढ़ोतरी देखने काे मिली है। इसकी वजह जागरूकता है। समय बदलने के साथ-साथ अब बहुत से युवा सफल करियर के बिना शादी नहीं करना चाहते हैं। इसकी एक मुख्य वजह आर्थिक आजादी हासिल करना है। हालांकि देर से शादी करने के जहां अपने कुछ फायदे हैं, वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं।

आज रिलेशनशिप कॉलम में हम देर से शादी करने के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बात करेंगे।

युवाओं के देर से शादी करने की वजह

आज के दौर में युवा वर्ग समाज और परिवार के दबाव में आकर शादी नहीं करता है। वह अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना चाहता है। इसलिए जब तक वह खुद अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाता है, तब तक शादी करने का फैसला नहीं लेता है।

इसकी एक वजह ये भी है कि शादी के बाद जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, जिसके लिए वह पहले से तैयार रहना चाहता है। इसके अलावा कई बार सही रिश्ता न मिल पाने के कारण भी शादी में देरी हो जाती है।

लेट शादी करने के फायदे

शादी करना या न करना किसी का भी व्यक्तिगत निर्णय होता है। लेकिन जब एक-एक करके दोस्‍तों की शादियां होने लगती हैं तो ऐसा लगता है कि अपनी ही शादी देर से होगी। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि देर से शादी के भी अपने कुछ फायदे हैं।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप अपनी लाइफ को खुलकर जी पाते हैं। इसके अलावा आपको अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलता है। देर से शादी करने के और क्या फायदे हैं, इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

आइए, अब ऊपर दिए पॉइंट्स के बारे में विस्तार से बात करते हैं।

करियर बेहतर बनाने के लिए मिलता पर्याप्त समय

देर से शादी करने पर व्यक्ति को अपनी पढ़ाई और करियर के लिए ज्यादा समय मिलता है। इससे वह अपने लिए अच्छे भविष्य का निर्माण कर पाता है और उसे शादी के बाद किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।

फाइनेंशियल कंडीशन में सुधार का मौका

शादी के बाद जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। इससे निपटने के लिए ‘अपने पैरों पर खड़ा होना’ बेहद जरूरी है। देर से शादी करने पर व्यक्ति को अपनी फाइनेंशियल कंडीशन बेहतर करने का मौका मिलता है। इस दौरान वह अपने पैसे को स्मार्ट तरीके से खर्च करना और भविष्य के लिए बचत करना भी सीख जाता है।

सपनों को पूरा करने का मौका

देर से शादी करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि व्यक्ति को अपने सपनों को पूरा करने का पर्याप्त समय मिलता है। इसमें ट्रैवल करना, पढ़ाई में सफलता हासिल करना या किसी खास क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना शामिल है। ये सभी चीजें शादी के बाद भी संभव होती हैं, लेकिन जब व्यक्ति पहले से ही खुद को इसके लिए समर्पित करता है तो सपने जल्दी पूरे हो सकते हैं।

जिम्मेदारियों को समझने का मौका

जब व्यक्ति जीवन के कुछ सालों तक अकेले खुद की जिम्मेदारी निभाता है तो उसकी सोच में मैच्योरिटी आ जाती है। वह ये समझ पाता है कि शादी के बाद रिश्ते और परिवार की जिम्मेदारियां किस तरह की होती हैं। वह इन जिम्मेदारियों को आसानी से निभाना सीख जाता है।

रिश्ते की समझ होती बेहतर

देर से शादी करने पर व्यक्ति का रिश्तों के प्रति सोच और नजरिया बदल जाता है। वह रिश्ते में किसी भी तरह की समस्या का हल शांति और समझदारी से निकालना सीख जाता है। इससे भविष्य में रिश्ते को हैंडल करने में आसानी होती है।

लेट से शादी करने के नुकसान

लेट शादी करने के जहां कुछ फायदे हैं, वहीं इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिन पर विचार करना जरूरी है। देर से शादी करने वाले लोग अक्सर अपने करियर को प्रिऑरिटी देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, उनमें कई शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं। ये बदलाव शादी और फैमिली प्लानिंग पर असर डाल सकते हैं। नीचे ग्राफिक के जरिए लेट से शादी करने के नुकसान के बारे में समझिए-

आइए, अब ऊपर दिए पॉइंट्स के बारे में विस्तार से बात करते हैं।

महिलाओं को कंसीव करने में होती प्रॉब्लम

उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल परिवर्तन होते हैं, जो प्रेग्नेंसी में समस्या पैदा कर सकते हैं। 30 की उम्र के बाद महिला की फर्टिलिटी कम हो जाती है। इससे कंसीव करने में प्रॉब्लम हो सकती है। ऐसे में देर से शादी करने पर परिवार शुरू करने में मुश्किलें आ सकती हैं।

पार्टनर चुनने के विकल्प कम होना

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, संभावित पार्टनर्स के विकल्प कम होते जाते हैं। इससे सही पार्टनर मिलने में परेशानी हो सकती है।

फिजिकल इंटिमेसी में कमी होना

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में एनर्जी भी कम हो सकती है। ऐसे में शादी के बाद फिजिकल रिलेशन में कमी हो सकती है। इसका रिश्ते पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि यह पूरी तरह व्यक्ति की फिजिकल फिटनेस पर निर्भर करता है।

बच्चों के साथ जनरेशन गैप होना

देर से शादी करने का एक और नुकसान यह हो सकता है कि बच्चे और पेरेंट्स के बीच जनरेशन गैप बढ़ सकता है। जब पेरेंट्स उम्रदराज होते हैं तो बच्चों के साथ खेलना, उनकी पेरेंटिंग और उनके साथ समय बिताने में समस्या हो सकती है। इसके अलावा बच्चों और पेरेंट्स के विचारों में अंतर बढ़ सकता है।

उम्र संबंधी हेल्थ इशू

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, तमाम तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। देर से शादी करने के बाद अगर व्यक्ति को कोई हेल्थ इशू होता है तो यह दोनों पार्टनर्स और उनके परिवार के लिए चुनौती बन सकता है। उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या अन्य उम्र संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। इससे रिश्ते पर भी असर पड़ सकता है।

अंत में यही कहेंगे कि शादी करना एक व्यक्तिगत निर्णय है। ये लाइफ का सबसे बड़ा फैसला है। इसे सोच-विचारकर ही लेना चाहिए।

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