शाह बोले- घुसपैठियों का पता लगाकर उन्हें देश से निकालेंगे:  हर किसी को आने दिया तो भारत धर्मशाला बन जाएगा, वोट अधिकार सिर्फ भारतीयों को
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शाह बोले- घुसपैठियों का पता लगाकर उन्हें देश से निकालेंगे: हर किसी को आने दिया तो भारत धर्मशाला बन जाएगा, वोट अधिकार सिर्फ भारतीयों को

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नई दिल्ली1 घंटे पहले

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम को संबोधित किया। - Dainik Bhaskar

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम को संबोधित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि अगर दुनिया में कोई भी व्यक्ति जो भारत आना चाहता है, उसे आने दिया जाए, तो हमारा देश एक धर्मशाला बन जाएगा।

शाह ने कहा कि घुसपैठ को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्हें राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। हम घुसपैठियों का पता लगाएंगे और उन्हें देश से बाहर करेंगे।

एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में शाह ने कहा कि घुसपैठिये कौन हैं? जिन पर धार्मिक प्रताड़ना नहीं हुई और आर्थिक कारणों या अन्य कारणों से अवैध तरीके से भारत आना चाहते हैं, वे घुसपैठिये हैं।

उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार सिर्फ उन लोगों को दिया जाना चाहिए, जो भारत के नागरिक हैं। भाजपा ने डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट के सूत्र को 1950 के दशक से स्वीकार किया है।

SIR को राजनीतिक नजरिए से न देखें

शाह ने कहा कि घुसपैठ और चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR)को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है। किसी को भी SIR प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

वोटर लिस्ट में शामिल घुसपैठिए देश की राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बन जाते हैं, यह संविधान की भावना को दूषित करने जैसा है। वोट का अधिकार केवल उन लोगों को मिलना चाहिए जो इस देश के नागरिक हैं।

शाह की बातचीत की प्रमुख बातें…

  • कांग्रेस SIR के मुद्दे पर इनकार की मुद्रा में चली गई है, जबकि यह कवायद उनकी सरकार के दौरान भी हुई थी।
  • विपक्ष अपनी मनमानी कर रहा है क्योंकि उनके वोट बैंक कट रहे हैं। मतदाता सूची को साफ करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। अगर आपको कोई समस्या है तो आप कोर्ट जा सकते हैं।
  • जब तक मतदाता सूची मतदाता की परिभाषा के अनुसार नहीं होगी, तब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते।
  • देश के प्रधानमंत्री कौन होंगे, मुख्यमंत्री कौन होंगे, इसका फैसला देश के नागरिकों के अलावा किसी और को करने का अधिकार होना चाहिए क्या?
  • ‘हिंदी हैं हम’ केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि हमारी हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक धारा से जुड़ने का माध्यम है। यह हमें सच्चे अर्थों में भारतीय बनाता है, क्योंकि कोई राष्ट्र अपनी सांस्कृतिक पहचान से कटकर वैश्विक सम्मान अर्जित नहीं कर सकता।

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