सीएम योगी ने कहा कि जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था। आज यह संख्या 35-36 फीसदी (8 वर्ष में तीन फीसदी बढ़ोतरी) हुई। 2017 में यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या केवल 10 हजार थी। उनमें से कुछ रिटायर भी हुई होंगी। आज यूपी पुलिस में 44,000 महिला कार्मिक हैं। हमने 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की। स्कूली शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि सेक्टरों में महिलाओं का कार्य काफी बेहतरीन है। 8 वर्ष में यूपी में बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण आदि योजनाएं प्रारंभ की गईं। बच्चों को स्कूल चलो अभियान से जोड़ा गया। जनसहभागिता के जरिए स्कूलों का कायाकल्प करके उन्हें हर सुविधाओं से आच्छादित किया गया। आज यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इसमें बालिकाओं की संख्या अधिक है। इन बच्चों को यूपी सरकार हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, स्वेटर, मोजा, बुक, शूज आदि उपलब्ध कराती है। स्कूलों के अंदर पठन-पाठन का बेहतर माहौल बने, ड्राप आउट रेट को न्यूनतम स्तर पर लेकर जाएं। इस दिशा में फिक्की फ्लो बेहतर योगदान कार्य कर सकता है।
कोरोना में आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की
सीएम योगी ने कहा कि कोरोना के दौरान जब दुनिया पस्त और हर व्यक्ति सशंकित था तो आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम ने प्रदेश सरकार के आह्वान पर डोर टू डोर जाकर हर घर की स्क्रीनिंग की। बीमार को अस्पताल या जरूरतमंद के घर तक दवा पहुंचाई गई। जिससे 25 करोड़ के उत्तर प्रदेश को हम कोरोना से बचाने में सफल रहे। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम में शत-प्रतिशत महिलाएं कार्य करती हैं। इन्होंने 25 करोड़ की आबादी को महामारी से बचाने में बेहतरीन कार्य किया। प्रथम चरण में लॉकडाउन प्रारंभ हुआ तो उद्योग, काम-धंधे बंद हुए। प्रवासी कामगार, श्रमिक यूपी व अपने राज्यों की तरफ गए। कई राज्यों ने अपने श्रमिकों को लेने से इन्कार कर दिया तो हमने उनकी भी व्यवस्था यूपी में की। क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। काम-धंधा लगभग बंद हो गया था। प्रधानमंत्री जी ने रोजगार भत्ता देना प्रारंभ किया, लेकिन चैलेंज था कि जिसके खाते में पैसा जाता था, वह अगले दिन बैंक में लाइन लगाकर खड़ा हो जाता था। कोविड में भीड़ एकत्र न हो, यह जरूरी था। उस समय यूपी के अंदर हम लोगों ने हर ग्राम पंचायत में बीसी सखी योजना लागू की। गांव की ही बेटी बीसी सखी के रूप में कार्य करेगी। उनके प्रशिक्षण के साथ बैंक क्रेडिट व डेबिट के रूप में उन्हें कमीशन देगी। आज सभी 57,600 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी तैनात हैं। बुजुर्ग महिला को पेंशन या पैसा बैंक से निकालना है तो लेनदेन का कार्य बीसी सखी करती है। कुछ बीसी सखी महीने में 25 हजार से सवा लाख रुपये कमा रही हैं।
सीएम ने बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की महिलाओं की सफलता की कहानी सुनाई
सीएम योगी ने झांसी का जिक्र किया और बताया कि 2019 में बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की स्थापना की गई। उसे लीड करने वालीं महिला आठवीं पास भी नहीं हैं, लेकिन बिजनेस मॉडल की वजह से 62 हजार से अधिक महिलाएं उनके साथ जुड़ी हैं। सीएम ने तारीफ की और कहा कि कार्य कैसे होता है, बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर उसका बेहतरीन उदाहरण है। लखनऊ, आगरा, काशी व गोरखपुर में नए मिल्क प्रोड्यूसर स्थापित कर रहे हैं, जिनके साथ हजारों महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन से जुड़ रही हैं और बता रही हैं कि वीमेन वर्कफोर्स कुछ भी कर सकती हैं। आधी आबादी के सामने उनके कार्यों को मान्यता देने की चुनौती है। फिक्की फ्लो जैसे संगठन सामने आएंगे तो हर कोई उसे मान्यता देगा।
रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है इस पर पकड़
सीएम योगी ने रेडिमेड गारमेंट्स का जिक्र किया और कहा कि ग्लोबल मार्केट में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट है। रेडिमेड गारमेंट्स में उसकी पकड़ छूट रही है। भारत उस मार्केट पर पर पकड़ बना सकता है। रेडिमेड गारमेंट्स में फ्लैटेड फैक्ट्री के मॉडल के माध्यम से आधी आबादी को आगे बढ़ाने में फिक्की फ्लो बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। ग्लोबल मार्केट की डिमांड के अनुसार डिजाइन, रेडिमेड गारमेंट्स दुनिया के मार्केट को उपलब्ध कराकर करोड़ों बहनों को जोड़कर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं।
सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर महिला उद्यमियों को बढ़ाए फिक्की फ्लो
सीएम ने यूपी सरकार की पॉलिसी का जिक्र करते हुए बताया कि प्लेज पार्क की स्कीम लागू किया गया है। प्राइवेट पार्टी को 10 से लेकर 50 एकड़ में उद्यम स्थापित करने के लिए सरकार प्रति एकड़ के हिसाब से सब्सिडी उपलब्ध कराती है। अब तक यूपी में 12 प्लेज पार्क स्थापित हैं। सीएम ने फिक्की फ्लो से एमएसएमई की इस स्कीम का लाभ लेने की अपील की और कहा कि प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क की स्कीम का लाभ लेकर नई महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाएं। सीएम-युवा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इस नई स्कीम के बारे में बताया कि पहले वर्ष में पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध करा रहे हैं। लगभग एक लाख उद्यमी इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं। पहले चरण में पांच लाख, दूसरे चरण में साढ़े सात लाख, तीसरे चरण में 10 लाख रुपये तक की सुविधा का लाभ दे रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष तक 1.70 लाख नए उद्यमियों को जोड़ना है।








