सुंदर पिचाई ने PM मोदी से मुलाकात की:  कहा- 2 करोड़ कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग देंगे; पीएम बोले- गूगल के साथ साझेदारी पर चर्चा हुई
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

सुंदर पिचाई ने PM मोदी से मुलाकात की: कहा- 2 करोड़ कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग देंगे; पीएम बोले- गूगल के साथ साझेदारी पर चर्चा हुई

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नई दिल्ली7 घंटे पहले

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गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने आज यानी 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम ने कहा कि हमने भारत में AI के क्षेत्र में हो रहे काम और गूगल कैसे हमारे युवाओं के साथ काम कर सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा की।

समिट के इतर हुई इन बैठकों का उद्देश्य AI में भारत की लीडरशिप को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना है। पिचाई ‘ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। 20 फरवरी को वे इस समिट में की-नोट एड्रेस (मुख्य भाषण) देंगे।

PM मोदी से मुलाकात के बाद सुंदर पिचाई दिल्ली में मीडिया रिसेप्शन में पहुंचे। यहां उन्होंने कहा की गूगल ‘कर्मयोगी भारत’ मिशन के तहत 2 करोड़ कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग देगा।

दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान पीएम मोदी और गूगल CEO सुंदर पिचाई ने मीटिंग की।

दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान पीएम मोदी और गूगल CEO सुंदर पिचाई ने मीटिंग की।

स्पेन और फिनलैंड के साथ भविष्य की तकनीक पर बात

प्रधानमंत्री ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं।

फिनलैंड: दोनों देशों ने आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसमें 6G, क्लीन एनर्जी, बायोफ्यूल और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

स्पेन: 2026 को भारत-स्पेन ‘संस्कृति, पर्यटन और AI वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। रक्षा, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी में संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति बनी है। PM से मिलने से मिलने के बाद मीडिया रिसेप्शन में पहुंचे PM मोदी से मुलाकात के बाद सुंदर पिचाई दिल्ली में मीडिया रिसेप्शन में शामिल हुए। यहां उन्होंने कहा कि जल्द ही आप अपने फोन के कैमरे और आवाज का इस्तेमाल करके रियल-टाइम में किसी भी चीज को अपनी भाषा में सर्च कर पाएंगे। मीडिया रिसेप्शन में सुंदर पिचई की 5 सबसे बड़ी बातें

  • ₹70,000 करोड़ का निवेश: भारत और अमेरिका के बीच समुद्र के नीचे सीधी ‘इंटरनेट केबल’ बिछाई जाएगी, जिससे AI और डेटा की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।
  • 2 करोड़ कर्मचारियों को ट्रेनिंग: गूगल ‘कर्मयोगी भारत’ मिशन के तहत 800 जिलों के कर्मचारियों को 18 भाषाओं में AI इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देगा।
  • ‘सर्च लाइट’ टूल: भारतीय यूजर्स के लिए नया फीचर आ रहा है, जिससे वे अपनी लोकल भाषा में सिर्फ बोलकर या कैमरे के जरिए फोटो खींचकर जानकारी सर्च कर सकेंगे।
  • 1.1 करोड़ छात्रों को कोडिंग: गूगल 10,000 स्कूलों के बच्चों को कोडिंग और रोबोटिक्स सिखाएगा; साथ ही युवाओं के लिए हिंदी-अंग्रेजी में ‘AI सर्टिफिकेट प्रोग्राम’ शुरू होगा।
  • विज्ञान के लिए ₹250 करोड़: बीमारियों के इलाज और सटीक मौसम की भविष्यवाणी के लिए गूगल वैज्ञानिकों को ₹250 करोड़ ($30M) का ग्लोबल रिसर्च फंड देगा।

PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया था

PM मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्‍टार्टअप्‍स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी।

ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है।

यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है।

‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की थीम पर समिट

इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सभी का कल्याण, सभी का सुख) पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। समिट में 110 से ज्यादा देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 45 से ज्यादा मंत्री शामिल होने पहुंचे हैं।

तीन ‘सूत्रों’ पर टिका है समिट का विजन

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है – पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)।

पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे।

प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना।

प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले।

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