स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  दूसरों के दुर्गुणों पर ध्यान नहीं देना चाहिए; दूसरों में जो श्रेष्ठ है, उसका अनुसरण करना चाहिए
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: दूसरों के दुर्गुणों पर ध्यान नहीं देना चाहिए; दूसरों में जो श्रेष्ठ है, उसका अनुसरण करना चाहिए

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. One Should Not Pay Attention To The Bad Qualities Of Others; One Should Follow The Best Qualities In Others

हरिद्वार11 घंटे पहले

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हमारा व्यक्तिव भी कई प्रकार का होता है। जैसे बाहर का व्यक्तित्व, सूक्ष्म व्यक्तित्व और तीसरा व्यक्तित्व वह है, जिसमें हम अपनी वाणी, व्यवहार के साथ-साथ अपने संकल्प, भावनाओं के साथ जीते हैं। हमें अपने व्यक्तित्व को उजागर करना चाहिए। हम दूसरों के दुर्गुणों पर ध्यान न दें। दूसरों को जल्दी क्षमा कर दें। हम किसी का उपहास न करें, जिद न करें। दूसरों में जो श्रेष्ठ है, उसका अनुसरण करें।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए सिद्धि और सफलता कैसे मिलती है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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