स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  पुरुषार्थी वह होता है जो धैर्य के साथ निरंतर कर्म करते रहता है और लक्ष्य प्राप्त करता है
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: पुरुषार्थी वह होता है जो धैर्य के साथ निरंतर कर्म करते रहता है और लक्ष्य प्राप्त करता है

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. A Person Who Works Hard With Patience And Continuously Achieves His Goal.

हरिद्वार34 मिनट पहले

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पुरुषार्थी व्यक्ति निरंतर आगे बढ़ता है। पुरुषार्थी वह होता है जो भाग्य के भरोसे नहीं बैठता, बल्कि कर्म करते रहता है। वह कठिनाइयों से डरे बिना लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करता है और सिद्धि प्राप्त करता है। जो साधक पुरुषार्थ पर विश्वास रखते हैं, वे मुश्किल समय में भी विचलित नहीं होते हैं, बल्कि हर चुनौती को आत्मविकास का अवसर बनाते हैं। वे निराश होकर रुकते नहीं हैं, लगातार प्रयास करते रहते हैं। धैर्य धारण करना और लक्ष्य पथ पर अडिग रहना ही सच्चे पुरुषार्थी का गुण है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए उच्च लक्ष्य कैसे हासिल होते हैं?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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