हरिद्वार16 घंटे पहले
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जिन लोगों के पास पर्याप्त ज्ञान और स्पष्ट सोच नहीं होती, उनमें असुरक्षा की भावना ज्यादा रहती है। अज्ञानी व्यक्ति को डर लगा रहता है कि कहीं उनका नुकसान न हो जाए या उनका लक्ष्य अधूरा न रह जाए। ऐसे लोग सोचते हैं कि उनके पास धन, ऊंचा पद या समाज में प्रतिष्ठा नहीं है। साथ ही उन्हें यह भी लगता है कि करीबी लोग उनका साथ नहीं दे रहे हैं। इन चिंताओं के कारण व्यक्ति घबरा जाता है। जब व्यक्ति भयभीत हो जाता है, तब वह अपने लक्ष्य से भटक जाता है।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए भय कैसे दूर हो सकता है?
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