स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  तुरंत सफलता, धन, सुख पाने की इच्छा व्यक्ति को भ्रमित कर देती है और वह अशांत हो जाता है
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: तुरंत सफलता, धन, सुख पाने की इच्छा व्यक्ति को भ्रमित कर देती है और वह अशांत हो जाता है

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. The Desire For Instant Success, Wealth, And Happiness Confuses A Person And Makes Them Restless.

हरिद्वार12 घंटे पहले

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अधिकतर लोग बिना श्रम, साधन और योग्यता के सब कुछ पाना चाहते हैं। व्यक्ति को इच्छाएं हर समय बेचैन रखती हैं। वह तुरंत सफलता, धन और सुख पाने की कोशिश में लगा रहता है। इन कामनाओं के कारण उसका मन स्थिर नहीं रहता। वह सही-गलत, स्थायी-अस्थायी और पवित्र-अपवित्र का भेद भूल जाता है। आत्मा और शरीर के अंतर को भी नहीं समझ पाता। अधिक पाने की इच्छाएं उसे भ्रमित कर देती हैं और वह संतोष खो देता है। इसलिए आवश्यक है कि हम परिश्रम, धैर्य और विवेक से कार्य करें, तभी जीवन में सफलता के साथ सुख-शांति मिल सकती है।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में व्याकुलता क्यों रहती है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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