नई दिल्ली3 घंटे पहले
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देश में दवाइयों की क्वालिटी को लेकर सरकार ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। सितंबर 2025 में की गई जांच में 112 दवाओं के सैंपल्स क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए। इसका मतलब है कि ये दवाइयां मरीजों को ठीक करने के बजाय उन्हें नुकसान पहुंचा सकती हैं।
इन 112 सैंपल्स में से 52 की जांच सेंट्रल ड्रग्स लैब ने की, जबकि 60 सैंपल्स को स्टेट लैब्स ने नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ) यानी मानक क्वालिटी से कम पाया। वहीं, छत्तीसगढ़ में एक दवा का सैंपल नकली भी मिला। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिपोर्ट जारी की।
एक अधिकारी ने बताया कि हर महीने दवाओं की क्वालिटी चेक होती है। सितंबर में कई शहरों से दवाइयों के सैंपल कलेक्ट किए गए थे। जांच में 112 दवाइयां एक या एक से ज्यादा क्वालिटी पैरामीटर्स में फेल हो गईं, जैसे दवा का असर करने वाला एलिमेंट सही मात्रा में न होना या कोई और कमी होना।
अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ उन बैच की समस्या है, जिनकी जांच की गई। इसका मतलब यह नहीं कि कंपनी की बाकी दवाइयां भी खराब हैं। मार्केट में उपलब्ध अन्य दवाओं पर इसका असर नहीं है। इसमें कई बड़ी कंपनियों की दवाइयां शामिल हैं।
मध्यप्रदेश में बीते दो महीनों में जहरीले सिरप से 26 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद कई राज्यों की सरकार ने तीन कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी थी। इसके बाद दवाइयों की क्वालिटी की जांच की जा रही है। है। दवाओं की जांच के पूरे सिस्टम को अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान में भी कफ सिरप से कई बच्चों की मौत हुई थी।
छत्तीसगढ़ में नकली दवा मिली
छत्तीसगढ़ में मिली नकली दवा ऐसे कंपनी ने बनाई थी, जिसके पास लाइसेंस नहीं था। इस कंपनी ने किसी दूसरी कंपनी का ब्रांड नाम इस्तेमाल किया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है।
दवाइयों का क्वालिटी चेक हर महीने होता है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) दवाइयों के सैंपल्स की जांच करता है। जो दवाइयां क्वालिटी टेस्ट में फेल या नकली पाई जाती हैं, उनकी लिस्ट CDSCO की वेबसाइट पर डाली जाती है।
सितंबर में जांच किए गए कुल 112 NSQ सैंपल्स और एक नकली दवा की लिस्ट जारी की गई।
ऐसी दवाओं से बचने के तरीके
- पर्चे की जांच करें: दवा खरीदने से पहले उसका बैच नंबर और मैन्युफैक्चरिंग डेट देखें। CDSCO की वेबसाइट पर NSQ दवाइयों की लिस्ट चेक करें।
- लाइसेंस्ड मेडिकल स्टोर से खरीदें: हमेशा भरोसेमंद दुकान से दवाइयां लें।
- डॉक्टर से सलाह लें: अगर दवा की क्वालिटी पर शक हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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