उच्च न्यायालय ने आज इस्कॉन के पूर्व नेता चंदन कुमार धर उर्फ चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के एक मामले में जमानत दे दी। जस्टिस मोहम्मद अताउर रहमान और जस्टिस मोहम्मद अली रजा की पीठ ने चिन्मय द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।
चिन्मय के वकील प्रोलाद देब नाथ ने द डेली स्टार को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनके जेल से रिहा होने की उम्मीद है, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट का अपीलीय डिवीजन हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाता।
23 अप्रैल को चिन्मय के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने उच्च न्यायालय की पीठ से अपने मुवक्किल को जमानत देने की प्रार्थना करते हुए कहा कि चिन्मय बीमार है और बिना सुनवाई के जेल में कष्ट झेल रहा है।









