CJI बोले– कार स्टेटस सिंबल, इसे रोक नहीं सकते:  लोग पैसा बचाकर कार खरीदते हैं; वकील ने कहा था– कारों पर रोक लगाकर प्रदूषण रोकें
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CJI बोले– कार स्टेटस सिंबल, इसे रोक नहीं सकते: लोग पैसा बचाकर कार खरीदते हैं; वकील ने कहा था– कारों पर रोक लगाकर प्रदूषण रोकें

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नई दिल्ली15 मिनट पहले

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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट CAQM को फटकार लगाई। - Dainik Bhaskar

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट CAQM को फटकार लगाई।

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा- कार एक स्टेटस सिंबल बन गया है। इसे नहीं रोक सकते। लोग कार खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं। लोगों ने साइकिल का इस्तेमाल बंद कर दिया है।

CJI ने यह कमेंट सेंटर फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील राकेश द्विवेदी के सुझाव पर किया। एडवोकेट द्विवेदी ने कहा था-

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प्रदूषण कम करने के लिए लोगों के कई-कई कारें रखने पर रोक लगानी चाहिए। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बेहद ताकतवर हो चुकी है, जिससे ठोस फैसले लेना मुश्किल हो रहा है।

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कोर्ट ने आगे कहा कि CAQM वायु प्रदूषण कम करने में विफल है। कोर्ट ने कहा-

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ऐसा लगता है कि CAQM को न तो बिगड़ते AQI के कारणों की पहचान करने की जल्दी है और न ही लंबी अवधि के समाधान खोजने की। जब AQI लगातार गिरता जा रहा है तो आप कर क्या रहे हैं।

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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने CAQM को आदेश दिया कि वह दिल्ली की खराब होती हवा के असल कारणों की पहचान करें और दो हफ्तों के भीतर विशेषज्ञों की बैठक बुलाकर पूरी रिपोर्ट पेश करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अमीर लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए

  • अलग-अलग विशेषज्ञ संस्थानों की वायु प्रदूषण के कारणों को लेकर अलग-अलग राय है। IIT सहित कई तकनीकी संस्थानों ने प्रदूषण के सोर्स की जिम्मेदारी अलग-अलग प्रतिशत में बताई है।
  • एनसीआर में AQI खराब होने में परिवहन और उत्सर्जन क्षेत्र का योगदान 12% से 41% के बीच आंका गया है। कई उपायों के बावजूद दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है।
  • पिछले कुछ वर्षों में मामला बार-बार कोर्ट के सामने आया और विशेषज्ञों व एमिकस क्यूरी से सलाह ली गई। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ, बल्कि हालात और बिगड़े हैं।
  • कोर्ट ने नागरिक निकायों और अधिकारियों के हलफनामों पर असंतोष जताया। दिल्ली नगर निगम पर समाधान देने के बजाय टोल प्लाजा को आय का स्रोत बनाए रखने पर जोर देने का आरोप लगाया गया।
  • NHAI और गुरुग्राम मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी ने एन्वायर्नमेंटल कॉम्पेनसेशन चार्ज के बंटवारे की मांग की। कोर्ट ने याद दिलाया कि 17 दिसंबर को ट्रैफिक जाम कम करने के लिए एनसीआर में टोल प्लाजा बंद करने का सुझाव दिया गया था।
  • अमीर लोगों को कार का त्याग करना चाहिए। हाई-एंड गाड़ियों के बजाय उन्हें अच्छी इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए।

17 दिसंबर: कोर्ट ने कहा था- सरकार लॉन्ग टर्म प्लान बनाए

सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुनवाई की थी। कोर्ट ने NHAI और MCD को आदेश दिए कि दिल्ली बॉर्डर पर बने 9 टोल प्लाजा थोड़े समय के लिए बंद किए जाएं या किसी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएं।

कोर्ट ने कहा कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और पॉल्यूशन पर कंट्रोल होगा। कोर्ट ने MCD को एक हफ्ते में अपना फैसला लेने का समय दिया। पूरी खबर पढ़ें…

पर्यावरण मंत्री बोले- वायु प्रदूषण के लिए योजनाओं की हर महीने समीक्षा होगी

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए राज्यों द्वारा बनाई गई योजनाओं की मासिक समीक्षा करने का निर्देश दिया। मंत्री ने राजस्थान और पंजाब सरकारों के साथ एक बैठक में कई निर्देश जारी किए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सेक्टर-वार कार्य योजनाएं तैयार की जाएं, जिसमें संबंधित विभागों पर कार्यान्वयन की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए।

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