2 घंटे पहलेलेखक: अमित कर्ण
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हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र (89) का सोमवार सुबह जुहू स्थित उनके घर में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था। सोमवार दोपहर को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। फिल्म शोले धर्मेंद्र के करियर की सबसे हिट फिल्मों में से एक रही है। इस फिल्म के निर्देशक रमेश सिप्पी ने धर्मेंद्र के निधन के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में दुख जताया और उनके साथ जुड़ी यादें शेयर कीं।
शोले की शूटिंग में धर्मेंद्र पैदल पहुंचे थे 50 किलोमीटर दूर
धर्मेंद्र को याद करते हुए रमेश सिप्पी ने कहा कि धरम जी महान अभिनेता के साथ ही असाधारण इंसान, महान व्यक्तित्व और बच्चों की तरह खुली किताब थे। मुझे याद है, ‘सीता और गीता’ में एक ड्रग सीन था जो हमने स्लम में शूट किया था। धरम जी ने सीन इतनी सहजता से किया कि वहीं से हम करीब आ गए। फिर कभी हल्की ड्रिंक, कभी उनकी शरारतें, लेकिन वह बेहद अनुशासित थे। उनकी फिटनेस का एक किस्सा आज भी याद है। शोले की शूटिंग रामनगरम में होती थी और हम करीब 50 किमी दूर होटल अशोका में रुकते थे। एक दिन धरम जी सुबह 3 बजे उठे और पैदल ही लोकेशन के लिए निकल गए। जब यूनिट वैन से पहुंची तो पता चला धरम जी पैदल ही पहुंच चुके हैं। यह उनकी फिटनेस थी।

फिल्म शोले में धर्मेंद्र ने वीरू का किरदार निभाया था।
रमेश सिप्पी ने आगे बताया कि ‘शोले’ में धरम जी पहले ‘ठाकुर’ का रोल चाहते थे। फिर बोले, ‘हीरो तो बहुत कर लिए, अब विलेन (गब्बर) का कर लेता हूं।’ मैंने कहा, ठीक है, लेकिन हेमा मालिनी आपके साथ नहीं होंगी।’ यह सुनते ही वह हंस दिए। उन्हें तो हेमा जी के साथ ही काम करना था और आखिरकार उन्होंने वीरू का किरदार निभाया और उसे अमर कर दिया। सेट पर या उसके बाहर, उनकी शेरो-शायरी महफिल जमा देती थी। वह खुद लिखते थे और उनके शेर दिल से निकलते थे। वह बहुत कमाल के इंप्रोवाइज थे।








