
नीलकंठ पक्षी
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विजय दशमी (दशहरा) पर नीलकंठ पक्षी का दर्शन शुभ माना जाता है। चंबल सेंक्चुअरी में नीलकंठ काफी संख्या में दिखते हैं। मान्यता है कि रावण वध से पहले श्रीराम ने नीलकंठ के दर्शन किए थे। उत्तर भारत में कहावत ‘नीलकंठ तुम नीले रहियो, दूध-भात का भोजन करियो, हमरी बात राम से कहियो’ आज भी गांवों की चौपाल पर सुनी जाती है।








